पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस समय की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के रिपोल के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने एक ऐतिहासिक और प्रचंड जीत हासिल की है।
बीजेपी के स्टार उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान को करीब 1 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी है। यह चुनावी नतीजा राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि फलता विधानसभा क्षेत्र को पारंपरिक रूप से टीएमसी का सबसे मजबूत और अभेद्य गढ़ माना जाता रहा है।
पहले मतदान में भारी गड़बड़ी के बाद चुनाव आयोग ने रद्द की थी वोटिंग
इस सीट पर पहले गत 29 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था। हालांकि, वोटिंग के दौरान पूरे इलाके से बड़े पैमाने पर चुनावी हिंसा, ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और मतदाताओं को डराने-धमकाने के गंभीर आरोप सामने आए थे। मामला इतना ज्यादा बढ़ गया था कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे इलाके की वोटिंग को पूरी तरह रद्द घोषित करना पड़ा था।
इसके बाद आयोग ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच बीते 21 मई को फलता के सभी 285 बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश जारी किया था, जहां भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच रिकॉर्ड 88 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
अभिषेक बनर्जी के गढ़ डायमंड हार्बर में लगी कड़े नियमों से सेंध
रविवार को जब इस दोबारा हुई वोटिंग की मतगणना शुरू हुई, तो बीजेपी के देबांग्शु पांडा पहले राउंड से ही अपने विरोधियों पर लगातार बढ़त बनाए रहे। जैसे-जैसे काउंटिंग के राउंड आगे बढ़ते गए, बीजेपी की लीड का ग्राफ आसमान छूने लगा।
इस सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी सबसे ज्यादा है क्योंकि फलता विधानसभा क्षेत्र सीधे तौर पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र ‘डायमंड हार्बर’ के अंतर्गत आता है। इस सीट पर बीजेपी की एक लाख वोटों से जीत यह साफ दर्शाती है कि बीजेपी ने ममता बनर्जी के सबसे मजबूत किले में बड़ी कूटनीतिक सेंध लगा दी है।
नतीजों में टीएमसी चौथे नंबर पर खिसकी, सीपीएम और कांग्रेस का ऐसा रहा हाल
इस उपचुनाव के अंतिम नतीजों की कूटनीतिक सूची के अनुसार, जहां बीजेपी पहले नंबर पर रही, वहीं मुख्य मुकाबले में अन्य पार्टियां काफी पीछे छूट गईं:
- पहले नंबर पर: देबांग्शु पांडा (भाजपा) — विजयी
- दूसरे नंबर पर: शंभू नाथ कुर्मी (सीपीएम)
- तीसरे नंबर पर: अब्दुर रज्जाक मोल्ला (कांग्रेस)
- चौथे नंबर पर: जहांगीर खान (टीएमसी)