छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने बिलासपुर दौरे के दौरान केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तंज कसते हुए कहा कि अब वे “मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ” वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि पीएम मोदी जनता को पेट्रोल बचाने और सोना नहीं खरीदने की सलाह देते हैं, लेकिन खुद लगातार विदेश यात्राएं करते रहते हैं।
उन्होंने उद्योगपति Gautam Adani का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी के मित्र अमेरिका में 10 अरब डॉलर का निवेश कर रहे हैं, जबकि देश की जनता महंगाई से परेशान है।
धर्म और राजनीति के मुद्दे पर भी भूपेश बघेल ने तीखे बयान दिए। उन्होंने Jagadguru Rambhadracharya और Dhirendra Krishna Shastri पर तंज कसते हुए कहा कि रामभद्राचार्य अपने चेले धीरेंद्र शास्त्री से “पर्ची” निकलवाकर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवा दें। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
भूपेश बघेल ने कानून व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री के क्षेत्र कवर्धा में आदिवासी महिला से गैंगरेप की घटना हुई, मुख्यमंत्री के इलाके में महिला ने आत्महत्या कर ली और मरवाही में सराफा कारोबारी की लूट के बाद हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि अगर यही सुशासन है, तो प्रदेश की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्रवाई पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि पुलिस को “सपना” आता है और वह केस दर्ज कर देती है। उन्होंने सूरजपुर के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कांग्रेस नेता के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ और न ही हमला हुआ, फिर भी आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया।
केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju का नाम लेते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि अगर कोई गौमांस खाता है और फिर भी उसे मंत्रिमंडल में जगह मिलती है, तो क्या इस पर धार्मिक नेताओं की कोई प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रामभद्राचार्य इसे सही मानते हैं।
वहीं हाल ही में चर्चा में आई “कॉकरोच जनता पार्टी” को लेकर भी उन्होंने बयान दिया। भूपेश बघेल ने कहा कि युवा मौजूदा व्यवस्था से खुश नहीं हैं और यही कारण है कि ऐसे नए समूह सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे चुनाव मैनेज करके जीत लिए जाएं, लेकिन युवाओं के भीतर सरकार के प्रति गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। उनके मुताबिक “कॉकरोच जनता पार्टी” जैसे नाम उसी नाराजगी की अभिव्यक्ति हैं।
भूपेश बघेल के इन बयानों के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा जहां इसे कांग्रेस की हताशा बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे जनता की आवाज करार दे रही है।