सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की मुनाफावसूली के बीच कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। India Bullion and Jewellers Association यानी IBJA के मुताबिक 27 मई को सोने और चांदी दोनों के दाम में बड़ी कमी दर्ज की गई है।
आज 1 किलो चांदी की कीमत में 5,296 रुपये की गिरावट आई है, जिसके बाद इसका भाव घटकर करीब 2.61 लाख रुपये पर पहुंच गया है। खास बात यह है कि सिर्फ दो दिनों के भीतर चांदी करीब 10 हजार रुपये तक सस्ती हो चुकी है।
वहीं 24 कैरेट सोने की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 10 ग्राम सोना आज 1,539 रुपये टूटकर करीब 1.56 लाख रुपये पर पहुंच गया। पिछले दो दिनों में सोना लगभग 2,800 रुपये तक सस्ता हो चुका है।
अगर इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने में पहले जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। 31 दिसंबर 2025 को जहां 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपये थी, वहीं 29 जनवरी 2026 को यह रिकॉर्ड बढ़त के साथ 1.76 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। हालांकि अब सोना अपने ऑलटाइम हाई से करीब 20 हजार रुपये नीचे आ चुका है।
चांदी में उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा देखने को मिला। साल की शुरुआत में इसकी कीमत करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो जनवरी के आखिर तक बढ़कर रिकॉर्ड 3.86 लाख रुपये तक पहुंच गई। लेकिन अब पिछले करीब 118 दिनों में चांदी करीब 1.25 लाख रुपये तक टूट चुकी है और 2.61 लाख रुपये के स्तर पर आ गई है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर युद्ध या वैश्विक तनाव के समय सोने-चांदी की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग दिखाई दे रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अनिश्चितता के बीच निवेशक फिलहाल कैश को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। यही वजह है कि कई बड़े निवेशक सोना-चांदी बेचकर नकदी इकट्ठा कर रहे हैं।
इसके अलावा जनवरी में रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की गई भारी प्रॉफिट बुकिंग भी कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह मानी जा रही है। ऊंचे दाम पर होल्डिंग बेचने से बाजार में सप्लाई बढ़ गई, जिससे सोना और चांदी दोनों दबाव में आ गए।
विशेषज्ञों ने ग्राहकों को सोना खरीदते समय सतर्क रहने की सलाह भी दी है। उनका कहना है कि हमेशा Bureau of Indian Standards यानी BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। साथ ही खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से सोने की कीमत जरूर जांच लेनी चाहिए।
अब बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और निवेशकों का रुख सोना-चांदी की कीमतों को किस दिशा में ले जाता है।