छत्तीसगढ़ सरकार ने वरिष्ठ वन अधिकारी Arun Pandey को राज्य का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक यानी PCCF नियुक्त किया है। इस संबंध में Chhattisgarh Forest and Climate Change Department ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
बताया गया है कि वर्तमान PCCF के सेवानिवृत्त होने के बाद अरुण पांडेय औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। विभागीय पदोन्नति समिति यानी DPC की प्रक्रिया के बाद अरुण पांडेय का नाम ही अंतिम रूप से सामने आया था।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अरुण पांडेय ने कहा कि उनका फोकस वन विभाग में गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी कार्य प्रणाली विकसित करने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि वनों और वन्य प्राणियों के संरक्षण की दिशा में ईमानदारी और गंभीरता के साथ काम किया जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में बस्तर अहम स्थान रखता है। इस क्षेत्र में वन संरक्षण, जैव विविधता और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर अलग कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
अरुण पांडेय की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष और पर्यावरणीय चुनौतियों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि नए PCCF के नेतृत्व में विभाग संरक्षण और विकास के बीच बेहतर संतुलन बनाने की दिशा में काम करेगा।
छत्तीसगढ़ देश के सबसे अधिक वन क्षेत्र वाले राज्यों में शामिल है और यहां बस्तर, सरगुजा तथा अन्य वन क्षेत्रों में जैव विविधता की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण वन संपदा मौजूद है। ऐसे में नए PCCF की भूमिका राज्य के पर्यावरणीय और वन प्रबंधन से जुड़े भविष्य के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
