भाटापारा – जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शुक्रवार 29 मई को भाटापारा और सिमगा क्षेत्र में व्यापक जांच की गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में खराब फल जब्त कर नष्ट कराए गए, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाली एक बेकरी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
280 किलो खराब आम किए गए नष्ट
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नया बस स्टैंड स्थित फल दुकानों की जांच की। जांच में एक फल व्यापारी के यहां बड़ी मात्रा में खराब और सड़े हुए आम पाए गए। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए करीब 280 किलोग्राम खराब आमों को तत्काल अलग करवाकर नगर निगम के माध्यम से नष्ट कराया गया।
फल विक्रेताओं को दी गई सख्त चेतावनी
कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने फल व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खराब और ताजे फलों को अलग-अलग रखें। यदि किसी दुकान में खराब फल बिक्री के लिए पाए गए तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने पर जोर दिया।
बिना लाइसेंस संचालित बेकरी पर भी शिकंजा
जांच अभियान के दौरान सिमगा स्थित एक बेकरी का भी निरीक्षण किया गया। यहां बिना उत्पाद तिथि अंकित किए आइस कैंडी का भंडारण पाया गया। टीम ने जांच के लिए नमूने एकत्र किए और खाद्य लाइसेंस के बिना व्यवसाय संचालित किए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।
नशे के सामान पर भी कार्रवाई की मांग
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। नागरिकों का कहना है कि जिस तरह खराब खाद्य सामग्री के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, उसी तरह स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक क्षेत्रों के आसपास खुलेआम बिक रहे सिगरेट, गुटखा और अन्य नशे के उत्पादों पर भी संयुक्त अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन की नजर
प्रशासन का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में जिलेभर में ऐसे निरीक्षण और तेज किए जाएंगे ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।