छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के रिश्वत लेने के 3 मामले सामने आए हैं। पहला मामला कोरबा जिले के पसान क्षेत्र का है। किसान से 10 हजार रिश्वत लेते एक पटवारी का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पटवारी टेबल के नीचे नोट गिनते हुए दिखा। SDM ने आरोपी पटवारी विनोद अग्रवाल को सस्पेंड कर दिया है।
दूसरा मामला कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक का है। यहां ‘सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित समाधान शिविर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। सहायक ग्रेड-2 के बाबू प्रदीप मिश्रा को 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
तीसरा मामला रायगढ़ जिले के छाल तहसील ऑफिस का है। यहां पदस्थ क्लर्क तुलाराम पटेल को 60 हजार लेते हुए ACB ने रंगे हाथ पकड़ा है। आरोपी ने बी-1 में त्रुटि सुधार के नाम पर ग्रामीण से एक लाख की मांग की थी।
केस 1 – टेबल के नीचे नोट गिनते वीडियो वायरल
कोरबा के पसान क्षेत्र में पटवारी विनोद अग्रवाल अपने ऑफिस में टेबल के नीचे नोट गिनते हुए साफ नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी ग्रामीण ने लेन-देन के दौरान बनाया था। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है।
किसानों से वसूली के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी वन पट्टा ऑनलाइन करने के एवज में किसानों से 5 हजार तक और फौती नामांतरण के लिए 10 हजार तक की कथित वसूली करता था। लोगों का कहना है कि बिना पैसे दिए कोई भी राजस्व संबंधी काम नहीं किया जाता था।
ग्रामीणों के मुताबिक, पटवारी जानबूझकर काम को पेंडिंग रखते थे और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगवाते थे। इससे परेशान होकर गरीब और आदिवासी किसानों को मजबूरी में रिश्वत देनी पड़ती थी।
पटवारी एक ग्रामीण से फौती नामांतरण के लिए रिश्वत मांग रहा था, इसी बीच किसी किसी अन्य ग्राणीण ने पटवारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो बना लिया और उसे वायरल कर दिया।
SDM ने किया सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने पटवारी विनोद अग्रवाल को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पसान तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, निलंबित पटवारी विनोद अग्रवाल के पास पिपरिया हल्के के साथ-साथ सिर्री हल्के का अतिरिक्त प्रभार भी था। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों हल्कों में इसी तरह रिश्वत लेकर काम किया जाता था।
केस 2 – रायगढ़ में क्लर्क रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया
रायगढ़ जिले के छाल तहसील ऑफिस में ACB ने एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी ने बी-1 में त्रुटि सुधार के नाम पर ग्रामीण से एक लाख की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने कार्रवाई की और शुक्रवार को छाल तहसील कार्यालय में दबिश देकर 60 हजार रुपए लेते हुए आरोपी तुलाराम पटेल को गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता भानुप्रताप पटेल की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। फिलहाल, ACB टीम मामले की जांच कर रही है।
केस 3 – सहायक ग्रेड-2 का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार
कोरबा जिले में ‘सुशासन तिहार’ के तहत पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में समाधान शिविर लगाया गया था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-2 के बाबू प्रदीप मिश्रा को 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी जीपीएफ पासबुक में एंट्री कराने शिविर पहुंचे थे। आरोप है कि बाबू प्रदीप मिश्रा ने काम के एवज में 40 हजार की मांग की। परेशान होकर शिक्षक ने बिलासपुर ACB से शिकायत की। सत्यापन के बाद डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
शुक्रवार को जैसे ही शिक्षक ने आरोपी को रिश्वत की रकम दी, पहले से मौजूद ACB टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि प्रदीप मिश्रा के खिलाफ पहले भी वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आ चुके हैं। ACB अब यह जांच कर रही है कि शिविर में और किन लोगों से अवैध वसूली की गई थी।