बिलासपुर – बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट बिलासपुर में शुक्रवार, 29 मई को एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। सिविल एविएशन ब्यूरो के मानकों के अनुरूप होने वाली यह वार्षिक एक्सरसाइज विमान अपहरण जैसे हालात से निपटने की तैयारी और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करती है। ड्रिल के दौरान पूरी टीम ने समन्वय और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रदर्शन किया।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अलर्ट, अफसर तैनात
मॉक ड्रिल के दौरान एयरक्राफ्ट हाईजैक होने की सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने तत्काल एयरोड्रोम कमिटी चेयरमैन एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को सूचित किया। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट नोडल अधिकारी, एयरपोर्ट डायरेक्टर, सीएसओ, कासो, एयरलाइंस स्टेशन मैनेजर, भाषा विशेषज्ञ व स्थानीय पुलिस सहित सभी सदस्य एंटी हाईजैक कंट्रोल रूम में पहुंचकर रणनीति पर काम में जुट गए।
30 यात्रियों के साथ हाईजैक सिचुएशन तैयार
ड्रिल के अनुसार विमान में 30 यात्री सवार थे। दो हाईजैकर्स ने अपनी मांगें एयरोड्रोम कमिटी के समक्ष रखीं, जिसके बाद कंट्रोल रूम ने स्थिति को संभालने के लिए त्वरित निर्णय लिए। पूरे अभ्यास में अधिकारियों ने वास्तविक आपातकाल जैसी स्थिति बनाकर सुरक्षा तैयारियों का परीक्षण किया।
QRT की त्वरित कार्रवाई, हाईजैकर ढेर-एक गिरफ्तार
एयरपोर्ट की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने कार्रवाई करते हुए एक ‘हाईजैकर’ को मार गिराया और दूसरे को पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान घायल हुए एक यात्री को एयरपोर्ट स्थित एमआई रूम में प्राथमिक उपचार दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों की यह त्वरित प्रतिक्रिया वास्तविक परिस्थितियों में उनकी तत्परता को दर्शाती है।
सुरक्षा समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण
यह संपूर्ण मॉक ड्रिल जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस अभ्यास से सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, आतंकवादी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और यात्रियों को सुरक्षित निकालने की रणनीतियों की व्यावहारिक जांच की गई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी ड्रिल आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाती हैं।