मनेंद्रगढ़ – आमतौर पर छुट्टी का दिन आराम और निजी कार्यों के लिए माना जाता है, लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने एक नई मिसाल पेश की। जिला प्रशासन ने ‘नो वर्किंग डे’ को ‘वर्किंग डे’ में बदलते हुए पर्यटन स्थल अमृतधारा जलप्रपात की सफाई की। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का भी संदेश दिया।
श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश
प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील को आत्मसात करते हुए जिले के वरिष्ठ अधिकारी अपनी लग्जरी गाड़ियों को छोड़ एक ही बस में सवार होकर अमृतधारा पहुंचे। यहां कलेक्टर संतन देवी जांगड़े स्वयं फावड़ा और सफाई उपकरण लेकर मैदान में उतरीं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर जलप्रपात परिसर में फैला कचरा एकत्रित किया और श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
SDM समेत प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे और एसडीएम लिंगराज सिदार सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने अमृतधारा को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा की।
‘तितली पार्क’ को भी पुनर्जीवित करने की तैयारी
जिला प्रशासन ने अमृतधारा जलप्रपात को बस्तर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात की तर्ज पर विकसित करने का खाका तैयार किया है। योजना के तहत यहां जल्द ही ‘नाइट कैंपिंग’ जैसी सुविधाएं शुरू की जाएंगी, जिससे पर्यटकों को नया अनुभव मिल सकेगा। साथ ही बच्चों और सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहे बंद पड़े ‘तितली पार्क’ को भी पुनर्जीवित करने की तैयारी की जा रही है।