तिसरी प्रखंड अंतर्गत खटपोक पंचायत के केंदुआ गांव में शुक्रवार सुबह हुए वज्रपात ने पांच आदिवासी किसानों की जिंदगी पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया। भारी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 13 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना केंदुआ-बंदरचुआं मौजा की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन की तरह शुक्रवार सुबह भी गांव के मवेशी जंगल की ओर चरने गए थे। सुबह करीब 9 बजे अचानक मौसम खराब हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश और गर्जन से बचने के लिए सभी मवेशी एक बांस के पेड़ के पास जाकर खड़े हो गए। इसी दौरान अचानक तेज वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से सभी मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया। वज्रपात की इस घटना में कई गरीब आदिवासी किसानों के मवेशियों की मौत हुई है। मृत मवेशियों में रशिका मरांडी के 3 मवेशी, महेश सोरेन के 4 मवेशी छोटका मुर्मू के 4 मवेशी , सुखु मुर्मू का 1 मवेशी और छोटकी टुडू का 1 मवेशी शामिल है। ग्रामीणों के अनुसार मृत मवेशी ही इन किसानों की आजीविका का मुख्य सहारा थे।घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग मौके पर पहुंचे और स्थानीय मुखिया को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मुखिया जानकी यादव घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा गरीब किसानों के लिए बड़ी त्रासदी है। मवेशियों की मौत से प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की। तिसरी प्रखंड के पशु चिकित्सा पदाधिकारी रामकृष्ण बाउरी ने बताया कि खटपोक पंचायत में वज्रपात से 13 मवेशियों की मौत की सूचना स्थानीय मुखिया द्वारा दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए जिला कार्यालय भेजी जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
दुवरी में वज्रपात की चपेट में आने से मवेशी की मौत देवरी | शुक्रवार को अचानक तेज बारिश के साथ हुए बज्रपात की चपेट में आने से एक मवेशी की मौत हो गई। घटना देवरी अंचल क्षेत्र के गुनियाथर पंचायत अंतर्गत लोका गांव की है। जानकारी के अनुसार, लोका गांव निवासी अर्जुन यादव अपने मवेशियों को खेत की ओर घास चराने के लिए ले गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ हुए बज्रपात की चपेट में उनका एक मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पशुपालक अर्जुन यादव और उनके परिजनों में मायूसी छा गई। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक मौसम बदलने से लोग संभल नहीं पाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा देने की मांग की है। तिसरी। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। लगातार बदल रहे मौसम और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे नहीं रुकने की अपील की है। तिसरी प्रखंड अंतर्गत खटपोक पंचायत के केंदुआ गांव में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे भारी बारिश के दौरान हुए वज्रपात में 13 मवेशियों की मौत हो गई। घटना केंदुआ-बंदरचुआं मौजा की है, जहां पांच आदिवासी किसानों के गाय और बैल इसकी चपेट में आ गए। जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन की तरह शुक्रवार सुबह भी गांव के मवेशी जंगल की ओर चरने गए थे। सुबह करीब 9 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश और गर्जन से बचने के लिए सभी मवेशी एक बांस के पेड़ के पास खड़े हो गए। इसी दौरान अचानक वहां वज्रपात हो गया, जिससे सभी मवेशियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना में रशिका मरांडी के 3, महेश सोरेन के 4, छोटका मुर्मू के 4 तथा सुखु मुर्मू और छोटकी टुडू के 1-1 मवेशियों की मौत हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग मौके पर पहुंचे और स्थानीय मुखिया को सूचना दी गई। सूचना पाकर मुखिया जानकी यादव घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से गरीब किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की। तिसरी प्रखंड के पशु चिकित्सा पदाधिकारी रामकृष्ण बाउरी ने बताया कि खटपोक पंचायत में वज्रपात से 13 मवेशियों की मौत की सूचना स्थानीय मुखिया द्वारा दी गई है। सभी मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है तथा रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए जिला कार्यालय भेजी जाएगी।