रायपुर – सुशासन तिहार 2026 के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान स्थित ग्राम सरोधी पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। कटहल और गुलमोहर के पेड़ों की छांव में खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने चौपाल लगाई, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने सुशासन तिहार को सरकार की जवाबदेही और जनसरोकारों से जुड़ा अभियान बताया।
महिला समूहों और बच्चों ने किया पारंपरिक स्वागत
मुख्यमंत्री के गांव पहुंचते ही उत्साह का माहौल बन गया। महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने महुआ, चार, आम और रखियां बड़ी भेंट कर उनका स्वागत किया। वहीं स्कूली बच्चों ने अपने हाथों से तैयार गुलमोहर और कनेर के फूलों के गुलदस्ते भेंट कर सम्मान व्यक्त किया। ग्रामीण संस्कृति और सादगी से भरा यह स्वागत समारोह सभी के आकर्षण का केंद्र रहा।
खाट पर बैठकर लगाई चौपाल
पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में आयोजित चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं, जरूरतों और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को समझना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान 1 मई से 10 जून तक चलेगा, जिसके माध्यम से सरकार स्वयं लोगों के द्वार तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
सरलाबाई मरावी की समस्या का तत्काल समाधान
सरोधी की रहने वाली सरलाबाई मरावी ने चौपाल में किसान क्रेडिट कार्ड ऋण स्वीकृति में हो रही देरी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि एक माह पहले 1.50 लाख रुपए ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को निर्देश देकर समस्या का तुरंत समाधान कराया। अपनी समस्या का मौके पर निराकरण होते देख सरलाबाई भावुक हो उठीं और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
सरकार ने अधिकांश गारंटियां पूरी कीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को अभी 28 माह ही हुए हैं, लेकिन मोदी की गारंटी के तहत अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है, जिससे वनांचल क्षेत्रों के लोगों की आय में वृद्धि होगी।
मिली विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने ग्राम सरोधी और आसपास के क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें नई पीडीएस राशन दुकान, ग्राम पंचायत भवन, पूर्व माध्यमिक शाला के नए भवन का निर्माण, गंडई-बकरकट्टा मार्ग का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, तेन्दूभाठा से जोम ओटेबंध तक सड़क निर्माण, साल्हेवारा-पंडरापानी मार्ग पर मगुरदा नाला में पुल निर्माण, पीएचसी बकरकट्टा में 108 एम्बुलेंस की तैनाती, बकरकट्टा-नवागांव सड़क का नवीनीकरण तथा 33 केवी सब स्टेशन की स्वीकृति शामिल है।
स्वच्छता दीदी मनीषा मरकाम बनीं बदलाव की मिसाल
मुख्यमंत्री की चौपाल में ग्राम सरोधी की स्वच्छता दीदी मनीषा मरकाम की कहानी भी चर्चा का विषय बनी। साधारण किसान परिवार से आने वाली मनीषा पिछले दो वर्षों से स्वच्छता दीदी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये का मानदेय मिलता है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1000 रुपये की मासिक सहायता ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
सरकारी योजनाओं से बदली जिंदगी
मनीषा मरकाम ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन मिलने से रसोई का काम आसान हुआ है। वे जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह से भी जुड़ी हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां हर खर्च चिंता का कारण बनता था, वहीं अब नियमित आय और सरकारी योजनाओं के सहयोग से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों को पूरा करना आसान हो गया है। उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने उनके परिवार को नई उम्मीद और आत्मविश्वास दिया है।
जमीनी स्तर पर बदलाव की कहानी बना सरोधी
ग्राम सरोधी की यह कहानी बताती है कि जब सरकारी योजनाएं प्रभावी रूप से जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता नहीं देतीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायित्व, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का नया अध्याय भी लिखती हैं। मुख्यमंत्री की चौपाल इसी सकारात्मक बदलाव की सजीव तस्वीर बनकर सामने आई।