Raigarh में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव समेत 14 लोगों से करीब 1 करोड़ 77 लाख रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगा है। आरोप है कि आरोपी ने डीमैट अकाउंट खुलवाने और शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर सभी से भारी रकम इन्वेस्ट करवाई। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि साल 2022 में उनकी मुलाकात पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रहने वाले विश्वजीत देवनाथ से हुई थी। आरोपी ने खुद को एलईडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग और शेयर मार्केट ट्रेडिंग का कारोबारी बताया और निवेश करने पर हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज और मूलधन पर अतिरिक्त रिटर्न देने का दावा किया।
आरोपी की बातों में आकर संजय मिश्रा ने ICICI Bank से 12 लाख रुपए का लोन लिया और आरोपी द्वारा बताए गए खाते में रकम जमा कर दी। शुरुआती कुछ महीनों तक उन्हें नियमित रूप से ब्याज मिलता रहा, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया।
इसके बाद आरोपी ने निवेशकों को मिलने वाली राशि को दोबारा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। संजय मिश्रा ने अपने परिचितों और साथियों को भी इस स्कीम के बारे में बताया। धीरे-धीरे विकास साहू, राकेश कुमार मनहर, रितेश साव, देव कश्यप, सुनील पाणिग्राही समेत कुल 14 लोगों ने मिलकर करीब 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपए निवेश कर दिए।
आरोप है कि आरोपी ने सभी को डीमैट अकाउंट खुलवाने का भरोसा दिया था, लेकिन लंबे समय तक कोई दस्तावेज या अकाउंट डिटेल उपलब्ध नहीं कराई गई। जब निवेशकों को शक हुआ तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की, लेकिन आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। इसके बाद सभी को एहसास हुआ कि वे एक बड़े फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
पीड़ितों ने मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी विश्वजीत देवनाथ के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब निवेश से जुड़े बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।