West Bengal में आज Suvendu Adhikari सरकार का पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। राजधानी में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 35 नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। राज्यपाल R. N. Ravi सुबह 11 बजे लोक भवन में सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
इस विस्तार के बाद राज्य मंत्रिपरिषद की कुल संख्या बढ़कर 41 हो जाएगी। इससे पहले 9 मई को सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ Dilip Ghosh, Agnimitra Paul, Nisith Pramanik, अशोक कीर्तनिया और क्षुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। अब तक छह सदस्यों वाली कैबिनेट काम कर रही थी।
बताया जा रहा है कि नए मंत्रिमंडल में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। ब्राह्मण, OBC, आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति जारी रह सकती है। राजनीतिक जानकार इसे 2026 के बाद पश्चिम बंगाल की नई सत्ता संरचना को मजबूत करने की कोशिश मान रहे हैं।
संविधान के 91वें संशोधन के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रिमंडल की संख्या विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या के 15 प्रतिशत तक सीमित होती है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में 294 विधायक हैं, जिसके आधार पर अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं। आज के विस्तार के बाद भी 3 पद खाली रहने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें अभिनेत्री से नेता बनीं Rupa Ganguly, अभिनेता रूद्रनील घोष, अर्जुन सिंह, तापस रॉय और कौस्तव बागची जैसे चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम सूची को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने पास गृह और वित्त विभाग रखा था। वहीं निषिथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास और खेल मंत्रालय, दिलीप घोष को ग्रामीण विकास और कृषि विपणन, जबकि अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास और नगर निकाय विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
आज होने वाला यह कैबिनेट विस्तार पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नए मंत्रिमंडल के जरिए सरकार संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय समीकरण और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बड़ा दांव खेलने जा रही है।