सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 3 जून को एक बार फिर दोनों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है, जबकि सोना भी हजार रुपए से ज्यादा टूट गया है। लगातार गिरते दामों ने निवेशकों और ज्वेलरी बाजार दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
आज 1 किलो चांदी की कीमत ₹3,300 गिरकर करीब ₹2.62 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं 24 कैरेट सोने का दाम ₹1,030 टूटकर लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कुछ महीनों में कीमती धातुओं में आई इस बड़ी गिरावट को बाजार विशेषज्ञ बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
देश के प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना करीब ₹1,56,370 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। मुंबई और कोलकाता में इसकी कीमत लगभग ₹1,56,220 है, जबकि अहमदाबाद, भोपाल और पटना में सोना करीब ₹1,56,270 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा चांदी की कीमतों को लेकर हो रही है। कुछ महीने पहले तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी चांदी अब तेजी से नीचे फिसल रही है। बाजार आंकड़ों के अनुसार 29 जनवरी 2026 को चांदी ने अपना ऑल टाइम हाई लगभग ₹3.86 लाख प्रति किलो का स्तर छुआ था। लेकिन उसके बाद से लगातार गिरावट जारी है। अब पिछले करीब 125 दिनों में चांदी लगभग ₹1.24 लाख प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण काम कर रहे हैं। आमतौर पर जब दुनिया में युद्ध या वैश्विक तनाव बढ़ता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना और चांदी खरीदते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई दे रही है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कई बड़े निवेशक अब कैश होल्डिंग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। यानी लोग अपने सोने और चांदी को बेचकर नकदी जुटा रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सके। यही वजह है कि बाजार में बिकवाली बढ़ रही है।
इसके अलावा प्रॉफिट बुकिंग भी बड़ी वजह मानी जा रही है। जनवरी में जब सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे थे, तब कई बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग बेचनी शुरू कर दी। लगातार बढ़ती सप्लाई के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ गया और बाजार में गिरावट का दौर शुरू हो गया।
ज्वेलरी कारोबारियों का मानना है कि अगर यह गिरावट कुछ समय और जारी रहती है तो शादी-विवाह के सीजन में सोने और चांदी की खरीदारी बढ़ सकती है। वहीं निवेशक अब यह देखने पर नजर बनाए हुए हैं कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार और अमेरिकी ब्याज दरों का असर कीमती धातुओं पर कैसा पड़ता है।
फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और डॉलर की चाल के आधार पर सोना-चांदी की कीमतों में और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।