घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई और कुछ ही देर में निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल बन गया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान में पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर बाद बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली और निवेशकों की उम्मीदें फिर से लौटती नजर आईं।
सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1157 अंकों से ज्यादा टूटकर 73,492 के स्तर तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी भी 332 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 23,151 तक फिसल गया। शुरुआती गिरावट के बाद ऐसा लग रहा था कि बाजार में बड़ी बिकवाली देखने को मिल सकती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
दोपहर बाद बाजार में खरीदारी लौटी और सेंसेक्स ने अपने दिन के निचले स्तर से करीब 850 अंकों की जोरदार वापसी कर ली। आखिर में सेंसेक्स 303 अंकों की गिरावट के साथ 74,346 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 77 अंकों की कमजोरी के साथ 23,405 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि बंद होने तक बाजार ने शुरुआती नुकसान का बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया था।
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में इस रिकवरी की सबसे बड़ी वजह “वैल्यू बाइंग” रही। जब बाजार में भारी गिरावट आई तो कई निवेशकों ने मजबूत और अच्छे शेयरों को सस्ते दामों पर खरीदना शुरू कर दिया। इसी खरीदारी ने बाजार को नीचे से संभालने का काम किया।
बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी रिकवरी देखने को मिली। बैंक निफ्टी ने दिन के निचले स्तर से करीब 500 अंकों की वापसी की। इससे बाजार में निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक वापस लौटता दिखाई दिया।
बाजार की वापसी में इंडिया VIX यानी “फियर इंडेक्स” की भूमिका भी अहम रही। सुबह के समय इंडिया VIX करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 17 के आसपास पहुंच गया था, जिससे बाजार में डर और घबराहट का माहौल बन गया था। लेकिन बाद में इसमें नरमी देखने को मिली और यह करीब 16.28 के स्तर पर आ गया। आमतौर पर VIX में गिरावट को बाजार में तनाव कम होने का संकेत माना जाता है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और खरीदारी को सपोर्ट मिला।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि बाजार ने भले ही शानदार रिकवरी दिखाई हो, लेकिन अभी भी सावधानी जरूरी है। उनके मुताबिक निफ्टी फिलहाल कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों से नीचे बना हुआ है और चार्ट पर “लोअर टॉप-लोअर बॉटम” पैटर्न दिखाई दे रहा है, जो कमजोरी का संकेत माना जाता है।
हालांकि कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI में पॉजिटिव डाइवर्जेंस देखने को मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में मोमेंटम धीरे-धीरे सुधर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर निफ्टी 23,300 के नीचे जाता है तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह 23,000 तक पहुंच सकता है। वहीं ऊपर की तरफ 23,600 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन जिस तरह से भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की, उससे यह साफ संकेत मिला है कि बाजार में भरोसा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।