कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रहे सत्ता परिवर्तन के दौर का आखिरकार बुधवार को औपचारिक अंत हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार ने राज्य के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली। बेंगलुरु के लोक भवन स्थित ग्लास हाउस में आयोजित भव्य समारोह में शाम 4 बजकर 5 मिनट पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें शपथ दिलाई।
64 वर्षीय डीके शिवकुमार दक्षिण भारत में कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वोक्कालिगा समुदाय के मजबूत नेता और आठ बार के विधायक रह चुके शिवकुमार को राजनीतिक गलियारों में प्यार से “डीके शि” भी कहा जाता है। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद कई दिनों तक चले राजनीतिक मंथन और पार्टी स्तर की बैठकों के बाद आखिरकार कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें राज्य की कमान सौंप दी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह बदलाव कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर किया गया। पिछले सप्ताह सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया। इससे पहले 30 मई को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया था।
डीके शिवकुमार के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा 12 अन्य विधायकों को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई कैबिनेट में पुराने और नए चेहरों का संतुलन देखने को मिला है।
शपथ लेने वाले नेताओं में केएच मुनियप्पा, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यूटी खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, बायरती सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल रहे।
नई कैबिनेट में ज्यादातर नेता पहले भी सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रह चुके हैं। हालांकि यूटी खादर और यतींद्र सिद्धारमैया नए चेहरे के रूप में सामने आए हैं। यूटी खादर इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जबकि यतींद्र सिद्धारमैया पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे हैं।
शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने आगामी कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले वह कैबिनेट की अहम बैठक करेंगे। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को विदा करने के बाद पार्टी के ‘भारत जोड़ो भवन’ जाएंगे, जहां वे राज्य कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।
यह शपथ ग्रहण समारोह कांग्रेस के लिए शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कई बड़े नेता मौजूद रहे। कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता भी इस समारोह में शामिल हुए।
समारोह को लेकर बेंगलुरु में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विधान सौधा और लोक भवन के आसपास कांग्रेस के झंडे और बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए थे। बाहर मौजूद लोगों के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं ताकि वे लाइव शपथ ग्रहण समारोह देख सकें।
अब सभी की नजर डीके शिवकुमार सरकार के अगले कदमों पर टिकी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है।