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BSP स्क्रैप चोरी के मास्टरमाइंड बाप-बेटे पर इनाम घोषित:दुर्ग पुलिस रखा 10-10 हजार का इनाम, 8 आरोपी पहले ही जेल भेजे गए

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दुर्ग जिले में बीएसपी स्क्रैप चोरी मामले में फरार चल रहे मास्टरमाइंड संजय सिंह (50) और उसके बेटे अभय सिंह (28) की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही है। साथ ही सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

यह मामला फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप के अवैध परिवहन और कारोबार से जुड़ा है। 26 मई को पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह, खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स और प्लॉट नंबर 18 ए/05, एचआईए हथखोज, भिलाई में जांच की थी।

जांच के दौरान कई हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ बीएसपी से चोरी की गई लोहे की प्लेटें, बीम और कटिंग सामग्री लोड मिली। मौके से बड़ी मात्रा में लोहे का स्क्रैप भी बरामद किया गया। इसके अलावा स्क्रैप की लोडिंग और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन और मशीनें भी जब्त की गईं।

पुलिस जांच में सामने आया कि फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में बीएसपी का चोरी किया गया स्क्रैप अवैध रूप से बाहर भेजा जा रहा था। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

250 टन लोहा पुलिस ने किया था जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग जब्त की थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा स्क्रैप के परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन और मशीनों को मिलाकर कुल करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।

8 आरोपी पहले से जेल में बंद

मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने मुख्य आरोपी संजय सिंह और उसके बेटे अभय सिंह की भूमिका भी उजागर हुई। इसके बाद दोनों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया।

बड़े नामों के शामिल होने की चर्चा

इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता ने कई बड़े नामों का भी जिक्र किया है। हालांकि अब तक की कार्रवाई में उन लोगों को आरोपी नहीं बनाया गया है। शिकायतकर्ता ने जानकारी उपलब्ध कराई है, लेकिन उस दिशा में जांच और कार्रवाई की रफ्तार फिलहाल धीमी नजर आ रही है।

चर्चा है कि इस मामले में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हो सकते हैं, जो समाजसेवा की आड़ में इन गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दुर्ग पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश और मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अन्य संदिग्धों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।

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