बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से रेलवे व्यवस्था की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। एक ओर जहां रेल परियोजना के तहत ताड़ोकी तक रेल सेवा का विस्तार बस्तर अंचल के विकास और यातायात सुविधा के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बालोद जिले के हजारों रेल यात्रियों को रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है।
रेलवे की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
मिली जानकारी के अनुसार, अंतागढ़ से बालोद होते हुए रायपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में बोगियों की भारी कमी के कारण यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसने रेलवे प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरवाजों पर लटकते यात्री, अंदर भेड़-बकरियों की तरह
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, ट्रेन दल्लीराजहरा पहुंचने से पहले ही पूरी तरह यात्रियों से भर चुकी है। स्थिति ऐसी है कि, दर्जनों यात्री ट्रेन के दरवाजों पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं, जबकि डिब्बों के भीतर लोगों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंसकर यात्रा करनी पड़ रही है।
जान जोखिम में, पर मजबूरी भी है
प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में डालने वाली यह स्थिति कोई नई नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से ट्रेन में बोगियों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को इसी तरह जोखिम उठाकर यात्रा करनी पड़ रही है। जरा सी चूक या दुर्घटना कई परिवारों के लिए बड़ी त्रासदी साबित हो सकती है।
ज्ञापन सौंपकर बोगियों की संख्या बढ़ाने की मांग
इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्रीय सांसद, रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सहित संबंधित अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा कई बार ज्ञापन सौंपकर बोगियों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा चुकी है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस पहल या प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।