केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के लिए एक बड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा की है। इस प्रस्तावित कॉरिडोर के जरिए दिल्ली और सिलीगुड़ी को सीधे जोड़ा जाएगा। यह ट्रेन लखनऊ, वाराणसी और पटना से होकर गुजरेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस सेवा के शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी तक की यात्रा का समय घटकर मात्र छह घंटे रह जाएगा।
पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे का बढ़ा बजट
कोलकाता में सचिवालय ‘नबन्ना’ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने पूर्व और वर्तमान बजट की तुलना की। उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल के रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए सालाना मात्र 4,000 करोड़ रुपये मिलते थे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2026-27 के वित्तीय वर्ष के लिए राज्य को 14,205 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
कोलकाता मेट्रो के लिए नई सौगात
रेलवे मंत्री ने बताया कि ‘डबल-इंजन’ सरकार के तहत राज्य में बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में, आगामी पांच वर्षों के भीतर कोलकाता मेट्रो में 60 नई ‘नेक्स्ट-जेनरेशन’ ट्रेनें शामिल की जाएंगी। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान कोलकाता में 45 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल को देश के अन्य राज्यों से पहले वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनें उपलब्ध कराई गई हैं।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना, जो साबरमती (अहमदाबाद) और मुंबई के बीच बन रही है, पर भी अपडेट दिया गया है। 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। यह परियोजना 2017 में शुरू हुई थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण और अन्य तकनीकी कारणों से इसमें देरी हुई। मंत्री ने बताया कि अब इसका उद्घाटन रन अगस्त 2027 में सूरत और वापी के बीच 100 किलोमीटर की दूरी पर होगा।
बुलेट ट्रेन की गति और तकनीकी जानकारी
साबरमती-मुंबई कॉरिडोर के संबंध में मंत्री ने बताया कि यदि ट्रेन चार स्टेशनों पर रुकती है, तो वह मुंबई से अहमदाबाद की दूरी 1 घंटे 58 मिनट में तय करेगी। सभी 12 स्टेशनों पर ठहराव के साथ यह समय 2 घंटे 17 मिनट होगा। इसके अतिरिक्त, सिग्नलिंग सिस्टम को लेकर भी काम चल रहा है। साथ ही, रेलवे मंत्रालय ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड को एक स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन विकसित करने का निर्देश दिया है, जो 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम होगी।