महंगे स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी और घरेलू उपकरण खरीदने के लिए आजकल डेबिट कार्ड EMI एक लोकप्रिय विकल्प बन चुका है। कई लोग इसे केवल आसान भुगतान सुविधा मानते हैं, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुविधा कई मामलों में एक छोटे लोन की तरह काम करती है। यही कारण है कि इसका असर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल और भविष्य में मिलने वाले लोन पर भी पड़ सकता है।
आमतौर पर लोगों की धारणा होती है कि चूंकि EMI की राशि उनके अपने बैंक खाते से कटती है, इसलिए इसका क्रेडिट स्कोर से कोई संबंध नहीं होता। लेकिन वास्तविकता यह है कि बैंक ग्राहक को पूरी राशि एकमुश्त चुकाने के बजाय किस्तों में भुगतान की सुविधा देता है। इस वजह से इसे एक प्रकार की क्रेडिट सुविधा या उपभोक्ता ऋण माना जाता है।
डेबिट कार्ड EMI की सुविधा आमतौर पर उन्हीं ग्राहकों को दी जाती है जिनका बैंकिंग रिकॉर्ड अच्छा होता है और जिनके खाते में नियमित लेनदेन होता है। किसी उत्पाद की खरीदारी के बाद बैंक उस राशि को निश्चित अवधि की मासिक किस्तों में बदल देता है, जो हर महीने ग्राहक के बचत खाते से स्वतः कटती रहती है।
ऑनलाइन शॉपिंग सेल और त्योहारों के दौरान इस सुविधा का उपयोग तेजी से बढ़ जाता है क्योंकि इससे बिना बड़ी रकम एक साथ खर्च किए महंगे उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। हालांकि कई उपभोक्ता यह नहीं जानते कि उनकी EMI की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो तक भी पहुंच सकती है।
यदि बैंक या उससे जुड़ी कोई वित्तीय संस्था आपकी EMI से जुड़ी जानकारी TransUnion CIBIL जैसे क्रेडिट ब्यूरो को भेजती है, तो यह आपके क्रेडिट इतिहास का हिस्सा बन सकती है। ऐसे में समय पर किस्तों का भुगतान करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि आप नियमित रूप से EMI का भुगतान करते हैं तो इससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत हो सकती है। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह फायदेमंद साबित हो सकता है जिनका पहले कोई बड़ा क्रेडिट रिकॉर्ड नहीं रहा है। समय पर भुगतान आपकी वित्तीय विश्वसनीयता बढ़ाता है और भविष्य में होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन मिलने की संभावना बेहतर बनाता है।
दूसरी ओर यदि खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण ऑटो-डेबिट फेल हो जाए, EMI समय पर जमा न हो या भुगतान में डिफॉल्ट हो जाए तो इसका नकारात्मक असर क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है। कमजोर क्रेडिट स्कोर भविष्य में ऋण स्वीकृति और ब्याज दरों को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि सभी डेबिट कार्ड EMI योजनाएं एक जैसी नहीं होतीं। कुछ योजनाएं सीधे बैंकों द्वारा संचालित की जाती हैं, जबकि कुछ बैंक और एनबीएफसी के सहयोग से चलाई जाती हैं। इसी कारण कुछ EMI क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई देती हैं, जबकि कुछ नहीं। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि चाहे EMI क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज हो या नहीं, इसे हमेशा एक वास्तविक कर्ज की तरह ही समझना चाहिए।
डेबिट कार्ड EMI की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी आसान उपलब्धता है। जिन लोगों के पास क्रेडिट कार्ड नहीं है या जो क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करना चाहते, उनके लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प बन चुका है। लेकिन इसकी यही सुविधा कई बार लोगों को जरूरत से ज्यादा खर्च करने के लिए भी प्रेरित कर सकती है।
छोटी-छोटी मासिक किस्तें देखकर कई उपभोक्ता अपनी आय और बजट का सही आकलन किए बिना कई उत्पाद खरीद लेते हैं। परिणामस्वरूप एक साथ कई EMI का बोझ मासिक वित्तीय योजना को प्रभावित कर सकता है और बचत पर दबाव बढ़ा सकता है।
वित्तीय योजनाकारों का सुझाव है कि किसी भी EMI को लेने से पहले अपनी आय, खर्च और भविष्य की वित्तीय जिम्मेदारियों का आकलन जरूर करें। यदि EMI आपकी भुगतान क्षमता के भीतर है और समय पर भुगतान किया जा सकता है, तो यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। लेकिन लापरवाही से लिया गया निर्णय भविष्य में आपकी क्रेडिट प्रोफाइल और वित्तीय स्थिति दोनों को प्रभावित कर सकता है।