उक्त समाचारों के प्रकाशन के उपरांत लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पी.एच.ई.) विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संबंधित क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान तकनीकी परीक्षण में मुख्य पेयजल पाइपलाइन सुरक्षित एवं सही स्थिति में पाई गई।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ रहवासियों द्वारा बैकलेन में स्थित मुख्य पेयजल पाइपलाइन तथा मकानों को जलापूर्ति करने वाली सेवा पाइपलाइनों के ऊपर अतिरिक्त एवं अनधिकृत निर्माण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, कुछ स्थानों पर मकानों की जलापूर्ति पाइपलाइनों के मूल स्वरूप में परिवर्तन किया गया है। इसी प्रकार बैकलेन में स्थित सीवेज प्रणाली भी ऐसे निर्माण कार्यों से प्रभावित हुई है।
यद्यपि मुख्य पेयजल पाइपलाइन कहीं से भी क्षतिग्रस्त नहीं पाई गई है, तथापि संपूर्ण एवं विस्तृत निरीक्षण सुनिश्चित करने हेतु पेयजल पाइपलाइन, सेवा पाइपलाइन तथा सीवेज प्रणाली के ऊपर किए गए निर्माण कार्यों को हटाना आवश्यक है। इस संबंध में संबंधित मकान निवासियों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है, जिससे भविष्य में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
विभाग द्वारा संबंधित मकान निवासियों को नोटिस जारी कर अविलंब अतिरिक्त एवं अनधिकृत निर्माण हटाने तथा विभाग द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण एवं संधारण कार्यों में सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया जा रहा है।
समाचार पत्रों में सड़क क्रमांक 41, 42 एवं 43 का उल्लेख किया गया है। तथापि, इन क्षेत्रों के किसी भी निवासी द्वारा संबंधित सेक्टर रखरखाव कार्यालय में गंदे पानी की आपूर्ति के संबंध में कोई विधिवत शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसके बावजूद, समाचारों में प्रकाशित तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्र से पेयजल के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया कराया जा रहा है एवं गहन निरीक्षण करते हुए त्वरित उपयुक्त संधारण कार्यवाही किया जा रहा है ।
पी.एच.ई. विभाग द्वारा नगरवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है।