प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महत्वपूर्ण यूरोपीय दौरे पर रवाना हो गए हैं, जहां वे फ्रांस और स्लोवाकिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति, रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया का दौरा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे, जिससे दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।
यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के नीस शहर पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से होगी। दोनों नेता भारत और फ्रांस के बीच नवाचार, तकनीक और स्टार्टअप सहयोग को बढ़ावा देने वाले ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन करेंगे। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच तकनीकी और औद्योगिक साझेदारी को नई दिशा देगा।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस मंच पर वे विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ की आवाज को प्रमुखता से उठाएंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सतत विकास, वैश्विक आर्थिक स्थिरता, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भारत का दृष्टिकोण दुनिया के प्रमुख नेताओं के सामने रखेंगे। G7 में भारत की सक्रिय भागीदारी वैश्विक मंच पर देश के बढ़ते प्रभाव और नेतृत्व क्षमता को भी दर्शाती है।
इस दौरे का सबसे ऐतिहासिक पड़ाव स्लोवाकिया रहेगा। वर्ष 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया की आधिकारिक यात्रा करेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल, रेलवे निर्माण, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करेगी।
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी पेरिस पहुंचेंगे, जहां वे यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप आयोजनों में से एक ‘VivaTech Summit’ में भाग लेंगे। इस मंच पर भारत के डिजिटल परिवर्तन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी उपलब्धियों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। प्रधानमंत्री पेरिस में रहने वाले भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे और उनसे संवाद करेंगे।
यह पूरा यूरोपीय दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और यूरोपीय देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। G7 में भारत की मौजूदगी और स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा यह संकेत देती है कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों, आर्थिक अनिश्चितताओं और तकनीकी बदलावों के दौर से गुजर रही है। ऐसे में भारत अपने सहयोगियों के साथ संबंधों को और गहरा करने तथा वैश्विक मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।