Meta Pixel

बुलडोजर के सामने बैठीं महिलाएं : अवैध निर्माण हटाने पहुंची निगम टीम का भारी विरोध, हंगामे के बाद लोगों ने खुद तोड़ा अतिक्रमण

Spread the love

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी स्थित गाढ़ापारा वार्ड में शनिवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। निगम का अमला भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचा तो स्थानीय महिलाओं और रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब महिलाएं बुलडोजर के सामने बैठ गईं। हालांकि घंटों चली बहस और बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद लोगों ने स्वयं ही अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया।

जेसीबी के सामने बैठकर महिलाओं ने किया विरोध
निगम की कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय महिलाएं और रहवासी सड़क पर उतर आए। लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें कार्रवाई से पहले कोई उचित सूचना नहीं दी गई और बारिश के मौसम में अचानक निर्माण तोड़ने पहुंचना गलत है। विरोध के दौरान महिलाओं ने जेसीबी के सामने बैठकर नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

गाय कटने के विवाद के बाद शुरू हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि पूरा मामला गुरुवार को सामने आए कथित गौकशी विवाद के बाद शुरू हुआ। सूचना मिलने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे और विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने मौके से करीब 80 किलो से अधिक मांस जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। इसके बाद हिंदू संगठनों ने नगर निगम से आरोपी के कथित अवैध निर्माण पर कार्रवाई की मांग की थी।

निगम ने कहा- पहले भी दिए गए थे नोटिस

स्थानीय लोगों ने बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप लगाया, लेकिन निगम अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार तालाब किनारे लंबे समय से अतिक्रमण था, जिससे सौंदर्यीकरण कार्य प्रभावित हो रहा था। प्रशासन का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले कई बार मौखिक और लिखित रूप से सूचित किया गया था। नोटिस लेने से इनकार करने की स्थिति में नियमानुसार पंचनामा भी तैयार किया गया था।

रहवासी बोले- 70 से 80 साल से रह रहे हैं यहां
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे दशकों से इस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं। उनका आरोप था कि यदि पहले से स्पष्ट सूचना दी जाती तो वे स्वयं ही निर्माण हटा लेते। लोगों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और बरसात के मौसम में ऐसी कार्रवाई नहीं करने की मांग की।

बातचीत के बाद निकला समाधान
स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों के साथ चर्चा की। बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि रहवासी स्वयं अपने अवैध निर्माण को हटा देंगे। सहमति बनने के बाद बुलडोजर की कार्रवाई रोक दी गई और स्थानीय लोग स्वयं ही अपने निर्माण हटाने में जुट गए।

एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात
हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *