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‘मोर गाँव, मोर पानी’ महाअभियान : बलरामपुर में एक दिन में बनीं 2000 जल संरक्षण संरचनाएं, हजारों ग्रामीणों ने किया श्रमदान

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बलरामपुर। जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और आगामी मानसून में अधिकाधिक वर्षा जल संचयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में मोर गाँव, मोर पानी महाअभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार और जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जल संचयन एवं जल संरक्षण की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।

जल संरक्षण के लिए एकजुट हुए ग्रामीण
इसी कड़ी में जनपद पंचायत रामचंद्रपुर में जनपद सीईओ रणवीर साय के नेतृत्व में व्यापक जनसहभागिता देखने को मिली। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत स्तरीय अमले के सहयोग से आज एक ही दिन में 2000 नग 5 प्रतिशत मॉडल जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया। महाअभियान में ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, आवास मित्र, जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने श्रमदान और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में सक्रिय योगदान दिया।

कार्यों पर रखी जा रही नजर
अभियान के प्रभावी संचालन एवं सतत निगरानी के लिए ग्राम पंचायतों का क्लस्टर बनाकर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही जनपद पंचायत स्तर पर निर्माण कार्यों की प्रविष्टि एवं मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।

जल संरक्षण से दीर्घकालिक जल सुरक्षा की उम्मीद

मोर गाँव, मोर पानी महाअभियान अंतर्गत 5 प्रतिशत स्ट्रक्चर मॉडल के माध्यम से वर्षा जल का अधिकतम संचयन होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा और क्षेत्र के ग्रामीणों को दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जल संरक्षण के प्रति सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।

अभियान की सफलता में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस अभियान को सफल बनाने में जनपद सीईओ रणवीर साय, कार्यक्रम अधिकारी नरेगा अभिषेक द्विवेदी, अनुविभागीय अधिकारी आरईएस पॉल खलखो, उप अभियंता अनुपम पाण्डेय, ब्लॉक समन्वयक रविन्द्र सिंह, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक बिहान मनोज गुप्ता, सहायक विकास विस्तार अधिकारी घनश्याम विश्वकर्मा, संतोष मेहता और तकनीकी सहायक नरेगा की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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