रायपुर – ढाई साल में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक रूप से विस्तार हुआ है। राज्य में डाक्टर सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर भर्ती की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णदेव साय ने घोषणा की है कि एनएचएम कर्मचारियों को हड़ताल अवधि के 33 दिन का वेतन दिया जाएगा। एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कठिन समय में स्वास्थ्य कर्मियों ने मानवता की मिसाल पेश की, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में, जहां सड़कें और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, स्वास्थ्य कर्मी पैदल चलकर, नदी-नाले पार कर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं।
विकास और जनकल्याण की नई संभावनाएं खुल
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में संचालित “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए बताया कि, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है और अब तक लगभग 90 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहसिक प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ है। अब वहां विकास और जनकल्याण की नई संभावनाएं खुल रही हैं, जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने से लेकर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो रहा है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बना रहे एनएचएम कर्मचारी : जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जशपुर से लेकर सुकमा तक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में एनएचएम कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। “स्वस्थ बस्तर अभियान” का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। एनएचएम कर्मचारियों की कई मांगें पूरी की जा चुकी हैं तथा स्थानांतरण नीति भी जारी कर दी गई है। अब एनएचएम कर्मचारी भी कैशलेस उपचार योजना के दायरे में शामिल होंगे। उनके लिए जीवन बीमा सुविधा लागू की गई है जिसके तहत सामान्य मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 करोड़ 40 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
गजमाला पहनाकर स्वागत
सम्मेलन में मुख्यमंत्री द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा के बाद एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी तथा एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी, महासचिव कौशलेश तिवारी, डॉ. रविशंकर दीक्षित, प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास, हेमंत सिन्हा, दिनेश खर्कवाल, संतोष चंदेल, डॉ. आलोक शर्मा, निर्मला साहू, दिव्या लाल सहित डॉक्टर, नर्स एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।