छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में उधारी वसूली के नाम पर गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में तीन बदमाशों ने एक कारोबारी के घर में घुसकर न केवल मारपीट की, बल्कि जान से मारने की धमकी देते हुए 10 लाख रुपये की मांग भी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आशीर्वाद पुरम कॉलोनी निवासी 52 वर्षीय कमलेश सिंह कोयला ट्रांसपोर्टिंग का व्यवसाय करते हैं। बताया गया कि आर्थिक तंगी के कारण वे पिछले करीब तीन वर्षों से कुडेकेला निवासी ललेश अग्रवाल का लगभग 7 लाख रुपये का भुगतान नहीं कर पाए थे। इसी रकम की वसूली को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
गुरुवार दोपहर मुख्य आरोपी कपिल सोलंकी अपने साथियों मनीष परियानी और गिरीश माखीजा के साथ कमलेश सिंह के घर पहुंचा। आरोप है कि तीनों जबरन घर में घुस गए और कारोबारी को धमकाते हुए कहा कि यदि पैसा नहीं दिया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने बकाया राशि की वसूली के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की। विरोध करने पर तीनों ने डंडों, हाथ और मुक्कों से उनकी जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद घायल कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कपिल सोलंकी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने साथियों गिरीश माखीजा और मनीष परियानी की संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद दोनों को भी हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। मुख्य आरोपी कपिल सोलंकी के खिलाफ हत्या के प्रयास, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट, बलवा और मारपीट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह निगरानीशुदा बदमाश की श्रेणी में शामिल है।
वहीं आरोपी मनीष परियानी के खिलाफ लूट, मारपीट, प्रताड़ना, आबकारी और जुआ अधिनियम से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और जिला बदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। तीसरे आरोपी गिरीश माखीजा पर भी जुआ, सट्टा और मारपीट के मामले दर्ज हैं तथा उसे गुंडा सूची में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि अवैध वसूली, गुंडागर्दी और आम लोगों को धमकाने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई को रायगढ़ पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।