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ईरान-अमेरिका शांति समझौते से शेयर बाजार में बंपर उछाल, सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा चढ़ा

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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबर ने वैश्विक बाजारों में नई ऊर्जा भर दी है। इसी सकारात्मक माहौल का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला, जहां निवेशकों ने जमकर खरीदारी की और बाजार ने शानदार शुरुआत दर्ज की। सेंसेक्स 1,144 अंकों की बड़ी छलांग लगाकर 76,672 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 करीब 351 अंक चढ़कर 23,974 के पार पहुंच गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में तनाव कम होना है। अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। इससे वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4.3% की गिरावट दर्ज की गई है।

भारत के लिए यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी तेल जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में कमी से आयात बिल घट सकता है, महंगाई पर दबाव कम हो सकता है और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। यही कारण है कि निवेशकों ने भारतीय बाजार में जोरदार खरीदारी की।

बाजार में लगभग सभी सेक्टरों में तेजी देखने को मिली, लेकिन वित्तीय क्षेत्र सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा। निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.61 प्रतिशत की तेजी के साथ 57,728 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में करीब 1.90 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

रियल एस्टेट सेक्टर में भी शानदार रौनक देखने को मिली और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.23 प्रतिशत उछल गया। ऑयल एंड गैस सेक्टर में 2.06 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि ऑटो सेक्टर 1.83 प्रतिशत मजबूत हुआ। सीमेंट और पीएसयू बैंक शेयरों में भी निवेशकों ने बढ़-चढ़कर खरीदारी की।

वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक संकेत देखने को मिले। जापान का निक्केई सूचकांक 4 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स भी तेजी का संकेत दे रहे हैं, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है, तो भारत के लिए यह दोहरा फायदा साबित हो सकता है। एक ओर महंगाई नियंत्रण में रह सकती है, वहीं दूसरी ओर सरकार के राजकोषीय घाटे पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

हालांकि बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को अभी भी सतर्क रहना चाहिए। अमेरिका-ईरान समझौते की आगे की प्रगति, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख और वैश्विक आर्थिक संकेतक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।

फिलहाल, मध्य पूर्व से आई राहत भरी खबर ने भारतीय शेयर बाजार में उत्साह का माहौल बना दिया है और निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है।

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