अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े कूटनीतिक ऐलान ने वैश्विक वित्तीय बाजारों का माहौल पूरी तरह बदल दिया है। ईरान के साथ शांति समझौते को अंतिम रूप देने और होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए खोलने की घोषणा के बाद दुनियाभर के निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इसका असर शेयर बाजारों से लेकर कमोडिटी मार्केट तक साफ नजर आ रहा है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि ईरान के साथ शांति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सामान्य करने का रास्ता भी साफ हो गया है। इस घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में राहत की लहर दौड़ गई।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावना से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत टूटकर 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 80 डॉलर के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह बेहद राहत भरी खबर है। देश अपनी तेल जरूरतों का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से आयात बिल कम हो सकता है, महंगाई पर दबाव घट सकता है और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों और खुदरा महंगाई पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
वैश्विक शेयर बाजारों ने भी इस खबर का जोरदार स्वागत किया। एशियाई बाजारों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। जापान का निक्केई सूचकांक हजारों अंकों की छलांग लगाकर मजबूत बढ़त में कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी तेज उछाल के साथ आगे बढ़ा।
भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी भी 24,000 के स्तर के पार पहुंच गया, जिससे घरेलू शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की उम्मीद बढ़ गई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक सकारात्मक माहौल बना रहता है, तो भारतीय बाजार में भी रिकॉर्ड तेजी देखने को मिल सकती है।
बीते कारोबारी सत्र में भी घरेलू बाजार शानदार बढ़त के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत प्रदर्शन किया था, और अब वैश्विक संकेतों के आधार पर निवेशकों को एक और सकारात्मक दिन की उम्मीद है।
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि भू-राजनीतिक हालात तेजी से बदल सकते हैं। इसलिए बाजार की दिशा आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान समझौते की वास्तविक प्रगति, तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।
फिलहाल, ट्रंप के शांति ऐलान ने बाजारों में नई ऊर्जा भर दी है और निवेशकों को राहत की बड़ी वजह दे दी है।