मिठाई का डिब्बा हो, नमकीन का पैकेट, केक बॉक्स या ऑनलाइन मंगाया गया खाना—अक्सर हम बिना ज्यादा जांच-पड़ताल किए पैकेट खोलकर सीधे खाना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कई पैकेट स्टेपल पिन, तार या मेटल क्लिप से बंद होते हैं? यही छोटी-सी लापरवाही कई बार बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
खाने के साथ गलती से स्टेपल पिन या कोई धातु का टुकड़ा शरीर में चला जाए तो यह मुंह, गले, भोजन नली, पेट और आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसी खतरे को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फूड पैकेजिंग में स्टेपल पिन, मेटल वायर और अन्य धातु सामग्री के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया है।
यह निर्देश मिठाई के डिब्बों, बेकरी उत्पादों, स्नैक्स पैकेट, फूड पार्सल और ऑनलाइन डिलीवरी पैकेजिंग सहित उन सभी खाद्य उत्पादों पर लागू होगा, जिनकी सीलिंग या पैकिंग में धातु सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। FSSAI का कहना है कि खाद्य सुरक्षा केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि खाने में कोई बाहरी और खतरनाक वस्तु न मिले।
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति गलती से स्टेपल पिन या मेटल वायर निगल लेता है, तो इससे गले में चोट, भोजन नली में कटाव, पेट में छेद, आंतों को नुकसान, संक्रमण और आंतरिक रक्तस्राव जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि उनकी पाचन प्रणाली अधिक संवेदनशील होती है।
अगर कोई फूड कंपनी इस नियम का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने और अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
फूड खरीदते समय उपभोक्ताओं को भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। पैकेट पर कहीं स्टेपल पिन या मेटल क्लिप तो नहीं लगी है, पैकेजिंग फटी या क्षतिग्रस्त तो नहीं है, FSSAI लाइसेंस नंबर मौजूद है या नहीं, एक्सपायरी डेट क्या है और सील सही सलामत है या नहीं—इन सभी बातों की जांच जरूरी है।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्राप्त करते समय भी पैकेट की सील, उसकी स्थिति और पैकेजिंग सामग्री को ध्यान से देखना चाहिए। खाने को सीधे पैकेट से खाने के बजाय पहले प्लेट में निकालकर जांच लेना बेहतर होता है।
यदि गलती से किसी ने स्टेपल पिन या नुकीली वस्तु निगल ली हो, तो घबराने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जबरदस्ती उल्टी कराने या गले में उंगली डालकर वस्तु निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सांस लेने में तकलीफ, पेट दर्द, उल्टी में खून या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
अगर खाने में कोई पिन, प्लास्टिक या धातु का टुकड़ा मिले, तो उसे सुरक्षित रखें, फोटो लें और संबंधित कंपनी या FSSAI में शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है।
फूड पैकेजिंग के लिए स्टेपल पिन की जगह अब फूड-ग्रेड टेप, हीट सीलिंग, स्टिकर सील, क्लिप-लॉक पैक और टैंपर-एविडेंट सील जैसे सुरक्षित विकल्प अपनाए जा सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा केवल सरकार या कंपनियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। खाने से पहले कुछ सेकंड की जांच गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचा सकती है।