छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब छत्तीसगढ़ की दहलीज पर पहुंच चुका है और अगले चार से पांच दिनों के भीतर बस्तर संभाग के रास्ते इसकी एंट्री हो सकती है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी दी गई है कि कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चल सकता है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा वर्षा मुंगेली जिले में रिकॉर्ड की गई, जहां 50 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं कवर्धा में 10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरा है, जबकि रायपुर और दुर्ग संभाग सहित मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह से बादल छाए हुए हैं और दिनभर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने धूलभरी आंधी चलने की भी चेतावनी दी है। रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में प्रदेश के और अधिक हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। किसानों के लिए भी यह राहत भरी खबर है, क्योंकि मानसून की समय पर एंट्री से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी।