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शांति समझौते से बाजार में बंपर तेजी, सेंसेक्स 1000 अंक उछला; कच्चा तेल सस्ता होने से निवेशकों की बल्ले-बल्ले

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भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ की। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव समाप्त होने की खबर, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया। सोमवार को बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने शानदार बढ़त दर्ज की।

दोपहर करीब 2:45 बजे बीएसई सेंसेक्स 1000.77 अंकों यानी 1.33 फीसदी की मजबूती के साथ 76,528.72 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, एनएसई निफ्टी 310 अंकों यानी 1.31 फीसदी की छलांग लगाकर 23,933 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की यह तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।

इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से जारी तनाव का खत्म होना माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से व्यापार के लिए खोलने की खबर ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में राहत पहुंचाई है। इससे तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम हुई और निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ।

कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भारत के लिए राहत भरी खबर साबित हुई है। ब्रेंट क्रूड करीब 4.55 फीसदी गिरकर 83.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित तेल पर निर्भर है, ऐसे में तेल सस्ता होने से महंगाई, व्यापार घाटा और विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।

तेल कीमतों में नरमी और शेयर बाजार की मजबूती का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखाई दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया 58 पैसे मजबूत होकर 94.60 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर डॉलर और मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतों ने रुपये को अतिरिक्त सहारा दिया है।

बाजार में बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। एचडीएफसी बैंक के शेयर करीब 2 फीसदी तक चढ़ गए। विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई की नई एनआरआई डिपॉजिट योजना बैंक के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। वहीं, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शेयर 3.2 फीसदी तक उछले। इसके अलावा तेल विपणन कंपनियों, एयरलाइंस, टायर और पेंट सेक्टर के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

एनएसई के सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.62 फीसदी और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.43 फीसदी तक चढ़ गया, जो यह दर्शाता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक भू-राजनीतिक हालात स्थिर बने रहते हैं और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का यह रुख आगे भी जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजरें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई हैं।

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