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NEET परीक्षा से पहले बड़ा फर्जीवाड़ा! टेलीग्राम पर ‘असली पेपर’ बेचने वाला गिरोह बेनकाब, 5 गिरफ्तार

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देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। पिछले महीने पेपर लीक विवाद से घिरी परीक्षा के बाद अब 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा से पहले बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह टेलीग्राम पर ‘असली प्रश्नपत्र’ देने का झांसा देकर छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।

पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस पूरे मामले में अब तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियां गिरोह के नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, 2 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से एक गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के जरिए नीट का फर्जी प्रश्नपत्र बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने बालूघाट स्थित एक किराए के मकान पर छापेमारी की, जहां से मुख्य आरोपी मनीष झा को गिरफ्तार किया गया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया। शुरुआती जांच में डिजिटल डिवाइस से कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। तकनीकी निगरानी, सोशल मीडिया गतिविधियों और बैंकिंग लेनदेन की जांच के बाद पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र से हर्ष, आनंद कुमार और कन्हैया कुमार उर्फ मानव को गिरफ्तार किया। वहीं सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से हर्ष कनोडिया को भी दबोच लिया गया। आरोपियों के पास से तीन और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से छात्रों को असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झूठा दावा करते थे। पहले वे छात्रों को भरोसे में लेने के लिए फर्जी नमूना सामग्री भेजते थे और फिर ऑनलाइन भुगतान की मांग करते थे। रकम मिलने के बाद या तो नकली प्रश्नपत्र भेज दिया जाता था या फिर आरोपी संपर्क तोड़ देते थे।

जांच में सामने आया है कि ठगी से जुटाई गई राशि गिरोह के मुख्य संचालक तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का विस्तार बिहार के बाहर अन्य राज्यों तक तो नहीं है।

21 जून को होने वाली NEET परीक्षा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने छात्रों एवं अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी कथित ‘पेपर लीक’ या ‘असली प्रश्नपत्र’ के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों में बढ़ती चिंता और दबाव का फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी अवैध माध्यम से परीक्षा सामग्री प्राप्त करने की कोशिश से बचना चाहिए।

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