Meta Pixel

NEET-UG पेपर लीक केस में CBI को बड़ी राहत, अदालत ने तीन मुख्य आरोपियों से जेल में पूछताछ की दी अनुमति

Spread the love

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली की अदालत ने एजेंसी को न्यायिक हिरासत में बंद तीन प्रमुख आरोपियों से जेल के भीतर पूछताछ करने की अनुमति दे दी है। माना जा रहा है कि इस पूछताछ से पेपर लीक नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

दिल्ली की ड्यूटी कोर्ट के न्यायाधीश सुरेंद्र मोहित सिंह ने CBI की याचिका स्वीकार करते हुए एजेंसी को आरोपियों से पूछताछ की मंजूरी दी। CBI ने अदालत से कहा था कि मामले की गहन जांच और साजिश की पूरी परतें खोलने के लिए इन आरोपियों से जेल में पूछताछ आवश्यक है।

जिन तीन आरोपियों से पूछताछ की अनुमति मिली है, उनमें मनीषा संजय वाघमारे, धनंजय निवृत्ति लोखंडे और शुभम मधुकर खैरनार शामिल हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि ये तीनों पेपर लीक गिरोह के प्रमुख सदस्य हैं और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल कर उसे पैसे लेकर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में शामिल थे।

CBI के मुताबिक, 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक कर दिया गया था। आरोप है कि गिरोह ने परीक्षा से पूर्व चुनिंदा लोगों को मोटी रकम लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में CBI अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी का मानना है कि जेल में बंद इन तीन आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई नए नाम सामने आ सकते हैं और पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली का खुलासा हो सकता है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस रैकेट के तार अन्य राज्यों या संगठित नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

गौरतलब है कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को कराई गई थी। हालांकि पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। इसके बाद अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा कराने की घोषणा की गई।

अब NEET-UG 2026 का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होंगे और प्रशासन ने परीक्षा को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अदालत द्वारा CBI को दी गई पूछताछ की अनुमति जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि पूछताछ में नए खुलासे होते हैं, तो पेपर लीक रैकेट के और बड़े चेहरे भी कानून के शिकंजे में आ सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *