महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की है। एजबेस्टन में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रन से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट में दमदार आगाज किया। इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी नायिका रहीं स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा, जिन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से पाकिस्तान की बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
दीप्ति शर्मा ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में मात्र 10 रन खर्च कर पांच विकेट झटके। उनके इस शानदार स्पेल ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी और भारत को बड़ी जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मैच के बाद पुरस्कार समारोह में दीप्ति शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय टीम और भगवान हनुमान को दिया। उन्होंने कहा, “इस प्रदर्शन का पूरा श्रेय टीम को जाता है। मैं बहुत आभारी हूं। हनुमान जी महान हैं।” उनके इस बयान ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी।
इससे पहले भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती नजर आई और 106 रन पर सिमट गई। भारत ने मुकाबला 64 रन से अपने नाम कर लिया।
दीप्ति ने मैच के बाद अपनी गेंदबाजी रणनीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार थी और उन्होंने इसका पूरा लाभ उठाया। उनके अनुसार, विकेट से मिल रहे टर्न को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी गति में बदलाव किया और सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की।
उन्होंने कहा, “मुझे इस तरह की पिच पर गेंदबाजी करना पसंद है। विकेट से टर्न मिल रहा था, इसलिए मैंने हर ओवर में गति बदली। मैं खुद पर भरोसा रखती हूं और गेंद को थोड़ा धीमा रखकर सही जगह पर डालने की कोशिश करती हूं।”
भारतीय बल्लेबाजी में भी कई खिलाड़ियों ने अहम योगदान दिया। खासतौर पर स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 91 रन की साझेदारी मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई। दीप्ति शर्मा ने भी इस साझेदारी की खुलकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “मैं खास तौर पर स्मृति और हरमनप्रीत दीदी की साझेदारी का जिक्र करना चाहूंगी। वहीं से हमारी टीम को गति मिली और हम मजबूत स्कोर तक पहुंच पाए।”
भारत की यह जीत इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ जीत हमेशा अलग महत्व रखती है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम अब इस लय को आगे भी बरकरार रखना चाहेगी और खिताब की मजबूत दावेदार के रूप में अपनी दावेदारी पेश करेगी।