सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली प्रतिष्ठित अंतर विभागीय संगीत स्पर्धा का समापन समारोह 13 जून 2026 महात्मा गांधी कला मंदिर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार रहें तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन) श्री जे. एन. ठाकुर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री सौमिक डे तथा महाप्रबंधक (निदेशक प्रभारी- सचिवालय) श्री दीपांकर रे, उप महाप्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग) श्री राजेन्द्र प्रसाद, उप प्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग) श्री अभिजीत भौमिक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी कलाकारों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल सांगीतिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में श्री पवन कुमार ने स्वयं एक गीत प्रस्तुत कर उपस्थित संगीत प्रेमियों एवं कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। अपने संबोधन में श्री जे. एन. ठाकुर ने भी प्रतिभागियों के उत्साह, समर्पण एवं प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रदान कीं।
स्पर्धा के विभिन्न वर्गों में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। पुरुष हिंदी गायन वर्ग में श्री जगमोहन ने प्रथम, श्री गौतम कुमार दास ने द्वितीय तथा श्री वाय. उमाशंकर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सांत्वना पुरस्कार श्री प्रकाश चन्द्र बेहरा तथा श्री अलंकार समद्दार को प्रदान किया गया। वहीं महिला हिंदी गायन वर्ग में श्रीमती तानिया समद्दार प्रथम, सुश्री भाश्वोती बोस द्वितीय तथा श्रीमती शालिनी पांडियन तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार सुश्री उत्तरा ओखदे एवं शानू मैत्रेय को प्रदान किया गया।
गैर हिंदी पुरुष गायन वर्ग में श्री जगमोहन ने प्रथम, श्री शैलेश मोधे ने द्वितीय तथा श्री मुकेश कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार श्री वी. प्रकाश राव ने प्राप्त किया। वहीं गैर हिंदी महिला गायन वर्ग में सुश्री मधुरिमा राय प्रथम, सुश्री लहर माहुरकर द्वितीय तथा सुश्री ज्ञानू मैत्रेय तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार सुश्री भाश्वोती बोस, सुश्री वैष्णवी कोठड़ी एवं सुश्री मंजीता भारद्वाज को प्रदान किए गए। युगल गायन वर्ग में श्रीमती तानिया समद्दार एवं अलंकार समद्दार की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि श्रीमती शालिनी पांडियन एवं श्री जी. पी. पांडियन द्वितीय तथा श्रीमती पंकजिनी एवं श्री रंजीत तृतीय स्थान पर रहे। सांत्वना पुरस्कार श्रीमती समता देशपांडे एवं श्री प्रशांत देशपांडे की जोड़ी को प्रदान किया गया।
समारोह में निर्णायक मंडल के सदस्य श्री रविश कालगांवकर, श्री सपन भट्टाचार्य, श्रीमती अंजलि शुक्ला, श्रीमती स्वाति देशपांडे, श्रीमती उमा मित्रा, श्रीमती वरदा जोशी तथा श्री तरुण निषाद उपस्थित रहे। संगीत संगत में श्री दिलीप शर्मा, श्री दीपांकर दास, श्री भालचंद्र शेगेकर, श्री भागवत साहू, श्री देवव्रत मजुमदार, श्री सतीश सिन्हा, श्री रविन्द्र कर्मकार, श्री भारत भूषण परगनिया एवं श्री साईं चक्रवर्ती ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का संचालन श्री सरजीत चक्रवर्ती एवं श्री सुप्रियो सेन द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री पी. टी. उल्लास कुमार, श्री दुष्यंत हरमुख तथा प्रतियोगिता के मुख्य समन्वयक श्री प्रभंजय चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। समारोह में सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।