सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास (एचआर-एल एंड डी) विभाग द्वारा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), बेरला, जिला बेमेतरा के मैकेनिक डीजल ट्रेड के 28 प्रशिक्षुओं के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए महानिदेशालय प्रशिक्षण (डीजीटी), नई दिल्ली द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को एकीकृत इस्पात संयंत्र के कार्य परिवेश से परिचित कराते हुए उन्हें औद्योगिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। आईटीआई पाठ्यक्रम के अनिवार्य ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण (ओजेटी) घटक के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम कक्षा आधारित शिक्षा एवं वास्तविक औद्योगिक कार्यप्रणाली के मध्य समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम की शुरुआत एचआर-एल एंड डी विभाग द्वारा आयोजित व्यापक इंडक्शन सत्र से हुई। इस दौरान प्रशिक्षुओं को एकीकृत इस्पात संयंत्र की कार्यप्रणाली, औद्योगिक एवं कार्यस्थल सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) के उपयोग, संगठनात्मक कार्य संस्कृति एवं अनुशासन, कच्चा माल प्रबंधन, आयरन मेकिंग, स्टील मेकिंग, रोलिंग मिल संचालन तथा सेवा क्षेत्र की गतिविधियों से अवगत कराया गया। इंडक्शन कार्यक्रम के उपरांत प्रशिक्षुओं को संयंत्र के विभिन्न परिचालन क्षेत्रों का अवलोकन कराने के साथ-साथ पर्यवेक्षण में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षुओं की तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक कौशल तथा औद्योगिक कार्यों के प्रति उनकी समझ को विकसित करने में सहायक होगा। आधुनिक इस्पात उत्पादन प्रक्रियाओं एवं औद्योगिक सर्वोत्तम प्रथाओं के प्रत्यक्ष अनुभव से प्रशिक्षुओं की उद्योग के लिए तत्परता और अधिक सुदृढ़ होगी।
यह कार्यक्रम महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री यशवंत सिंह जौहरी, सेक्शन ऑफिसर (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री स्वतंत्र कुमार तथा टेक्निकल एसोसिएट (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री मनीष कुमार द्वारा समन्वित किया जा रहा है।
मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की पहलें युवाओं को उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाओं एवं औद्योगिक कार्य प्रणालियों का व्यवहारिक अनुभव प्रदान कर उद्योग के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।