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भारत ने रचा नया इतिहास: रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर, डिफेंस शेयरों में जोरदार उछाल

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भारत के रक्षा क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार के अनुसार, देश का रक्षा उत्पादन बढ़कर रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस उपलब्धि के बाद शेयर बाजार में डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी रक्षा निर्माण, बढ़ते निर्यात और सरकारी नीतियों का लाभ आने वाले वर्षों में भी इस क्षेत्र को मिलता रह सकता है।

डिफेंस शेयरों में आई तेजी

रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन के आंकड़े सामने आने के बाद कई रक्षा कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी दर्ज की गई।

  • पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज के शेयर करीब 11.8% उछलकर ₹1217.70 तक पहुंच गए।
  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के शेयर 3.58% बढ़कर ₹4408 पर पहुंच गए।
  • भारत डायनेमिक्स लिमिटेड में 4.25% की तेजी देखी गई।
  • मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के शेयर 2.37% मजबूत हुए।
  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में 1.61% की बढ़त दर्ज की गई।
  • भारत फोर्ज के शेयर भी मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए।

एक साल में 15.6% की वृद्धि

रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 1.54 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 15.6% अधिक है।

अगर वित्त वर्ष 2020-21 से तुलना करें तो यह आंकड़ा 84,643 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यानी पांच वर्षों में रक्षा उत्पादन में 110% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

राजनाथ सिंह ने जताई खुशी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा उत्पादन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में स्वदेशी रक्षा उत्पादन करीब 43,746 करोड़ रुपये था, जो अब लगभग चार गुना बढ़ चुका है।

निजी कंपनियों की बढ़ रही हिस्सेदारी

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कुल रक्षा उत्पादन में सार्वजनिक क्षेत्र और रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (DPSU) का योगदान करीब 76% रहा, जबकि निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 24% रही।

निजी कंपनियों का उत्पादन बढ़कर रिकॉर्ड 42,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो इस क्षेत्र में निजी निवेश और भागीदारी के बढ़ने का संकेत देता है।

रक्षा निर्यात ने भी बनाया रिकॉर्ड

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात भी बढ़कर रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए वैश्विक बाजारों में नए अवसर खुल रहे हैं और निवेशकों का भरोसा मजबूत हो रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की आत्मनिर्भर भारत नीति, बढ़ते निर्यात और संभावित बड़े ऑर्डर्स के चलते डिफेंस सेक्टर आने वाले समय में निवेशकों के लिए आकर्षक बना रह सकता है।

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