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परमवीर ने तय किया बेरोजगारी से स्वरोजगार तक का एक प्रेरणादायक सफर

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दुर्ग, 17 जून 2026/ दृढ़ संकल्प, सही मार्गदर्शन और सरकारी योजना का सहयोग किसी भी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं दुर्ग जिले के सुंदर नगर, भिलाई निवासी श्री परमवीर सिंह, जिन्होंने बेरोजगारी की चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उद्योग स्थापना से पहले परमवीर सिंह रोजगार की तलाश में भटक रहे थे ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद जब सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने हार मानने के बजाय स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का साहसिक निर्णय लिया।
इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, दुर्ग तथा डी.आर.पी. के सहयोग से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने तेल निर्माण इकाई स्थापित करने का संकल्प लिया। उनके इस आत्मविश्वास को तब बड़ी उड़ान मिली जब उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत केनरा बैंक, भिलाई से 3 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें 35 प्रतिशत शासकीय अनुदान के रूप में 1 लाख 5 हजार रुपये की भारी सहायता भी शामिल थी। इसके साथ ही विभाग द्वारा उन्हें विपणन कला, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिसने उनके उत्पादों को बाजार में स्थापित करने की नींव रखी। इस वित्तीय और तकनीकी सहायता से परमवीर सिंह ने “परम इंटरप्राइजेस” नाम से अपनी फर्म का पंजीयन कराया और सरसों, मूंगफली, अलसी, तिल तथा नारियल के शुद्ध तेल का निर्माण एवं विक्रय शुरू किया। अपनी बेहतरीन गुणवत्ता के दम पर आज उनके उत्पादों की मांग स्थानीय बाजार से लेकर दूर-दराज के क्षेत्रों तक तेजी से बढ़ चुकी है। वर्तमान में वे इस व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 23 हजार रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं और स्वयं आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ दो अन्य स्थानीय युवाओं को भी अपने उद्यम में रोजगार देकर आत्मनिर्भर बना रहे हैं। उनकी यह सफलता आज प्रदेश़ के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी है जो नौकरी की तलाश छोड़कर खुद का मुकाम हासिल करना चाहते हैं।

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