मुंबई। 18 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए।
बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 23.96 अंकों की गिरावट के साथ 77,131.66 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 11.90 अंक फिसलकर 24,073.80 के स्तर पर कारोबार शुरू करता दिखा। इससे पहले बुधवार को सेंसेक्स 77,155.62 और निफ्टी 24,085.70 पर बंद हुए थे।
शुरुआती कारोबार में कौन चमका, कौन फिसला?
सेंसेक्स के शेयरों में ट्रेंट सबसे बड़ा गेनर रहा, जिसने करीब 0.93 फीसदी की बढ़त दर्ज की। इसके अलावा BEL, L&T, अडानी पोर्ट्स और इंडिगो के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
वहीं IT सेक्टर पर दबाव साफ दिखाई दिया। इन्फोसिस करीब 2.68 फीसदी टूटकर सबसे बड़ा लूजर रहा। इसके साथ HCL Tech, TCS, टेक महिंद्रा और बजाज फाइनेंस के शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई।
बाजार की चौड़ाई मजबूत, निवेशकों का भरोसा कायम
हालांकि प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही, लेकिन बाजार की व्यापक तस्वीर सकारात्मक नजर आई। एनएसई पर 1,691 शेयर बढ़त में कारोबार कर रहे थे, जबकि केवल 560 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 17 जून को 101.59 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,561.40 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इससे बाजार में मिश्रित निवेशक भावना देखने को मिली।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा। जापान का निक्केई 1.55 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी हरे निशान में रहा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंग सेंग 1.81 फीसदी और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.37 फीसदी गिरावट में कारोबार करता नजर आया।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी फिलहाल 24,000 के आसपास कंसोलिडेशन के दौर से गुजर सकता है। चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, यदि निफ्टी 24,100 का स्तर मजबूती से पार कर लेता है तो आने वाले सत्रों में 24,500 तक की तेजी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल 23,800 से 24,100 की रेंज बाजार के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस जोन बनी हुई है।