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सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, एक हफ्ते में गोल्ड ₹2,830 और सिल्वर ₹10,609 हुआ सस्ता

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इस सप्ताह सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,830 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जबकि चांदी 10,609 रुपए प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। कीमतों में आई इस नरमी ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है।

आईबीजेए के अनुसार, 13 जून को 24 कैरेट सोना 1,47,800 रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था, जो अब घटकर 1,44,970 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी का भाव 2.42 लाख रुपए प्रति किलो से फिसलकर 2.31 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर आ गया है।

कैरेट के अनुसार सोने के ताजा भाव

कैरेट कीमत (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट ₹1,44,970
22 कैरेट ₹1,32,793
18 कैरेट ₹1,08,728
14 कैरेट ₹84,808

प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के भाव

देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें लगभग समान स्तर पर बनी हुई हैं। राजधानी दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,46,230 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। मुंबई, कोलकाता और रायपुर में इसका भाव 1,46,080 रुपए है। वहीं भोपाल, पटना और अहमदाबाद में सोना 1,46,130 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आया सोना

वर्ष 2026 की शुरुआत में सोने और चांदी दोनों ने ऐतिहासिक ऊंचाई हासिल की थी। 29 जनवरी 2026 को सोना 1,76,121 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। मौजूदा कीमतों को देखें तो सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 31 हजार रुपए सस्ता हो चुका है।

चांदी में भी इसी तरह की गिरावट देखने को मिली है। जनवरी के अंत में चांदी 3,85,933 रुपए प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। इसके मुकाबले मौजूदा भाव 2,31,973 रुपए प्रति किलो है। यानी करीब 1.54 लाख रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है।

क्यों घटे सोने-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और निवेशकों की रणनीति में बदलाव की वजह से कीमती धातुओं पर दबाव बना है।

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने का असर:
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद क्षेत्रीय तनाव कम हुआ है। इससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों से हटकर अन्य परिसंपत्तियों की ओर बढ़ा है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख:
फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत मिलने के बाद सोने की मांग प्रभावित हुई है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश को कम आकर्षक बनाती हैं।

डॉलर में मजबूती:
वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर के मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।

मुनाफावसूली का दबाव:
रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की है। इससे बाजार में बिकवाली बढ़ी और कीमतें नीचे आ गईं।

ईटीएफ में बिकवाली:
गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में निवेशकों की निकासी भी कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। सुरक्षित निवेश की मांग कम होने से ईटीएफ बाजार में दबाव बढ़ा है।

आगे क्या?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेत, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां सोने-चांदी की दिशा तय करेंगी। हालांकि हालिया गिरावट के बाद ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह राहत की खबर मानी जा रही है, जबकि निवेशक बाजार के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं।

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