घर खरीदने के लिए होम लोन लेते समय ज्यादातर लोग केवल ब्याज दर (Interest Rate) पर ध्यान देते हैं। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि लोन की वास्तविक लागत सिर्फ ब्याज दर से तय नहीं होती। इसके पीछे एक और महत्वपूर्ण फैक्टर छिपा होता है, जिसे ‘स्प्रेड’ (Spread) कहा जाता है।
यही स्प्रेड आपके होम लोन की EMI और पूरे लोन अवधि में चुकाए जाने वाले कुल ब्याज को लाखों रुपये तक बढ़ा सकता है। इसलिए सिर्फ कम ब्याज दर देखकर लोन चुनना भविष्य में महंगा साबित हो सकता है।
क्या होता है होम लोन का स्प्रेड?
आजकल अधिकांश फ्लोटिंग रेट होम लोन भारतीय रिजर्व बैंक की रेपो रेट जैसे किसी बाहरी बेंचमार्क से जुड़े होते हैं। बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां इस बेंचमार्क के ऊपर अपना अतिरिक्त मार्जिन जोड़ती हैं, जिसे स्प्रेड कहा जाता है।
यही स्प्रेड और बेंचमार्क मिलकर आपकी अंतिम ब्याज दर तय करते हैं।
उदाहरण के लिए:
- रेपो रेट: 6%
- बैंक का स्प्रेड: 2.5%
तो आपकी होम लोन ब्याज दर होगी 8.5%
अधिकांश ग्राहक सिर्फ 8.5% देखते हैं, लेकिन यह नहीं समझते कि उसमें बैंक ने कितना स्प्रेड जोड़ा है।
छोटा अंतर, लेकिन बड़ा असर
अगर दो बैंकों की ब्याज दरों में सिर्फ 0.4% या 0.5% का अंतर हो, तो पहली नजर में यह बहुत छोटा लगता है। EMI में भी ज्यादा फर्क दिखाई नहीं देता।
लेकिन जब यही लोन 20 या 25 साल के लिए लिया जाता है, तो यही छोटा सा अंतर लाखों रुपये अतिरिक्त ब्याज में बदल सकता है।
यानी आज लिया गया एक छोटा फैसला भविष्य में आपकी जेब पर बड़ा असर डाल सकता है।
सभी ग्राहकों के लिए स्प्रेड अलग-अलग होता है
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि बैंक हर ग्राहक को समान स्प्रेड नहीं देते।
स्प्रेड तय करते समय बैंक कई बातों का मूल्यांकन करते हैं:
✔ क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score)
✔ आय की स्थिरता
✔ नौकरी या व्यवसाय की स्थिति
✔ लोन राशि
✔ भुगतान क्षमता
जिन ग्राहकों की वित्तीय प्रोफाइल मजबूत होती है, उन्हें कम स्प्रेड और बेहतर ब्याज दर मिल सकती है। वहीं अधिक जोखिम वाले ग्राहकों को ज्यादा स्प्रेड देना पड़ सकता है।
अच्छा क्रेडिट स्कोर दिला सकता है सस्ता लोन
विशेषज्ञों के अनुसार 750+ का अच्छा क्रेडिट स्कोर न केवल लोन मंजूरी की संभावना बढ़ाता है, बल्कि कम स्प्रेड और कम ब्याज दर हासिल करने में भी मदद करता है।
इसलिए होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर मजबूत रखना बेहद जरूरी है।
होम लोन लेने से पहले जरूर पूछें ये सवाल
लोन फाइनल करने से पहले बैंक से इन बातों की जानकारी जरूर लें:
- लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है?
- बैंक कितना स्प्रेड जोड़ रहा है?
- क्या भविष्य में स्प्रेड बदला जा सकता है?
- रेपो रेट बदलने पर ब्याज दर कैसे प्रभावित होगी?
- कुल ब्याज भुगतान कितना होगा?