टाटा समूह की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स कथित तौर पर बड़े साइबर हमले का शिकार हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हैकर्स ने कंपनी का संवेदनशील डेटा चुराकर डार्क वेब पर अपलोड कर दिया है। लीक हुए डेटा में 2 लाख से अधिक फाइलें और सैकड़ों गीगाबाइट जानकारी शामिल बताई जा रही है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस कथित डेटा लीक में कंपनी के प्रमुख क्लाइंट्स Apple और Tesla से जुड़े तकनीकी दस्तावेज, डिजाइन फाइलें और अन्य गोपनीय जानकारियां भी शामिल होने की बात सामने आई है।
कंपनी ने कहा- कामकाज पर कोई असर नहीं
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इस घटना को लेकर कहा है कि कंपनी के नियमित संचालन और उत्पादन गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी की टीमें मामले की जांच कर रही हैं और आवश्यक साइबर सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं।
Apple की साइबर सुरक्षा टीम भी जांच में जुटी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple की वैश्विक साइबर सुरक्षा टीम भी इस कथित डेटा ब्रीच की समीक्षा कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि डेटा तक पहुंच कैसे मिली और लीक की वास्तविक प्रकृति क्या है।
630GB डेटा चोरी होने का दावा
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, “World Leaks” नामक एक हैकर समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। दावा किया गया है कि लगभग 630GB डेटा चोरी किया गया, जिसमें 2 लाख से अधिक फाइलें और फोल्डर्स शामिल हैं।
Apple और Tesla से जुड़े दस्तावेज चर्चा में
रिपोर्ट्स के अनुसार, लीक डेटा में Apple के मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी कंट्रोल से जुड़े तकनीकी दस्तावेज तथा Tesla के कुछ कंपोनेंट्स और वाहन परियोजनाओं से संबंधित फाइलों का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता और वास्तविक प्रभाव को लेकर अभी आधिकारिक स्तर पर विस्तृत पुष्टि नहीं की गई है।
कर्मचारियों की जानकारी भी लीक होने की आशंका
साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं का दावा है कि लीक डेटा में कर्मचारियों से जुड़े कुछ दस्तावेज, ईमेल रिकॉर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारियां भी शामिल हो सकती हैं। इस पहलू की भी जांच जारी है।
फिरौती मांगने की भी चर्चा
मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि साइबर हमले के बाद कंपनी को कथित तौर पर फिरौती से संबंधित संदेश मिले थे। हालांकि कंपनी ने इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की है।
भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन पर नजर
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में Apple के लिए प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर है और देश में बनने वाले iPhone का बड़ा हिस्सा तैयार करती है। ऐसे में यह घटना भारत के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और सप्लाई चेन सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डार्क वेब और रैनसमवेयर क्या हैं?
डार्क वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है जो सामान्य सर्च इंजनों पर दिखाई नहीं देता और विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए ही एक्सेस किया जा सकता है।
रैनसमवेयर एक प्रकार का साइबर हमला होता है, जिसमें हैकर्स किसी सिस्टम का डेटा लॉक या चुरा लेते हैं और उसे वापस देने या सार्वजनिक न करने के बदले फिरौती की मांग करते हैं।