केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के तहत केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता George Kurian ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है, जिससे केंद्र की राजनीति में कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने से लिया फैसला
जानकारी के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए नामित नहीं किया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत मंत्री बने रहने के लिए संसद की सदस्यता आवश्यक होती है, इसलिए उनका इस्तीफा लगभग तय माना जा रहा था।
केरल में मिल सकती है नई जिम्मेदारी
भाजपा सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पार्टी अब जॉर्ज कुरियन को केरल और दक्षिण भारत में संगठन को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। हाल के चुनावी परिणामों के बाद भाजपा राज्य में अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
कौन हैं जॉर्ज कुरियन?
केरल के कोट्टायम जिले से आने वाले जॉर्ज कुरियन लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में केंद्रीय राज्यमंत्री बनाए गए थे। उन्हें अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में जिम्मेदारी दी गई थी।
कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज
कुरियन के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मोदी सरकार कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में मौका दे सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।