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पद्मश्री से सम्मानित हुईं दंतेवाड़ा की ‘बड़ी दीदी’ डॉ. बुधरी ताती, बस्तर की सेवा भावना को मिला राष्ट्रीय सम्मान

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दंतेवाड़ा। बस्तर अंचल के लिए गर्व और सम्मान का अवसर उस समय आया, जब दंतेवाड़ा जिले के हीरानगर की प्रख्यात समाजसेविका डॉ. बुधरी ताती को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समाज सेवा के क्षेत्र में उनके चार दशक लंबे योगदान को सम्मानित करते हुए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।

चार दशक से समाज सेवा को समर्पित जीवन

डॉ. बुधरी ताती पिछले लगभग 40 वर्षों से बस्तर के दूरस्थ आदिवासी इलाकों में समाज के वंचित, जरूरतमंद और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चियों और बुजुर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई उल्लेखनीय पहल की हैं।

महिला सशक्तिकरण की बनी प्रेरणा

साल 1984 से शुरू हुई उनकी सामाजिक यात्रा आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उन्होंने 500 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मार्गदर्शन और सहयोग दिया। साथ ही शिक्षा से दूर आदिवासी बालिकाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और बुजुर्गों के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण प्रयास किए।

‘बड़ी दीदी’ के नाम से पहचान

अपनी सरलता, सेवा भावना और समर्पण के कारण डॉ. बुधरी ताती को पूरे बस्तर में लोग स्नेहपूर्वक ‘बड़ी दीदी’ के नाम से जानते हैं। समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उनका निरंतर समर्पण उन्हें क्षेत्र की सबसे सम्मानित सामाजिक हस्तियों में शामिल करता है।

पूरे बस्तर में जश्न का माहौल

पद्मश्री सम्मान मिलने की खबर सामने आते ही दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर संभाग में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल डॉ. बुधरी ताती की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर की सेवा संस्कृति, आदिवासी परंपराओं और सामाजिक चेतना को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान है।

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