अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर सामने आए मामले में नया दावा सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2020 में एक निजी ऑडिट फर्म ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को वित्तीय प्रबंधन और आंतरिक निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे। दावा किया जा रहा है कि यदि उन सिफारिशों को समय रहते लागू किया जाता, तो वर्तमान विवाद जैसी स्थिति से बचा जा सकता था।
ऑडिट रिपोर्ट में जताई गई थीं संभावित जोखिमों की आशंका
बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के गठन के कुछ महीनों बाद नवंबर 2020 में एक निजी ऑडिट फर्म ने इंटरनल ऑडिट और रिस्क मैनेजमेंट से जुड़ी रिपोर्ट तैयार की थी। रिपोर्ट में वित्तीय लेन-देन, डेटा एंट्री, रिकॉर्ड प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था में कई संभावित कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया था।
रिपोर्ट में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने, स्टॉक रजिस्टर संधारित करने, बैंक खातों का नियमित मिलान करने और डिजिटल डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने जैसे सुझाव भी दिए गए थे।
वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठे सवाल
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रस्ट को फरवरी 2020 से नवंबर 2025 के बीच हजारों करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ। ऐसे में विशेषज्ञों ने पारदर्शी लेखा प्रणाली, प्रशिक्षित वित्तीय स्टाफ और आधुनिक डेटा प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया था।
दावों के अनुसार, इतने बड़े स्तर पर वित्तीय गतिविधियों के बावजूद मानव संसाधन (HR) और पेशेवर अकाउंटिंग सिस्टम की कमी को लेकर भी ऑडिट रिपोर्ट में चिंता जताई गई थी।
जांच के बीच विहिप की बैठक स्थगित
चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े विवाद सामने आने के बाद अयोध्या में प्रस्तावित विश्व हिंदू परिषद की पांच दिवसीय बैठक स्थगित कर दी गई। इस बीच विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है, तो उसकी कानूनी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए और यदि जरूरत हो तो एफआईआर दर्ज कर नियमित जांच कराई जाए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच और तथ्य सामने आने की प्रक्रिया जारी है। आरोपों और दावों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों अथवा सक्षम प्राधिकार की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।