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NCERT की नई कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान पुस्तक में बड़ा बदलाव, अब पढ़ाई जाएगी SIR प्रक्रिया और 1975 का आपातकाल

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक ‘Understanding Society: India and Beyond (भाग-1)’ में कई अहम बदलाव किए हैं। संशोधित पुस्तक में पहली बार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को विस्तार से शामिल किया गया है। साथ ही 1975-77 के आपातकाल और भारत की गठबंधन राजनीति पर भी विस्तृत जानकारी दी गई है।

SIR क्या है, छात्रों को समझाया जाएगा

नई किताब में बताया गया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना, उसकी जांच करना और त्रुटियों को दूर करना है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए जा सकें।

SSR, EVM और VVPAT की भी होगी पढ़ाई

पुस्तक में स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है। इसमें 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत मतदाताओं के नाम हटाने और पता बदलने जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई है।

इसके अलावा छात्रों को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े EVM, VVPAT, आदर्श आचार संहिता और मतदाता जागरूकता अभियान जैसे विषयों से भी परिचित कराया जाएगा, ताकि चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता को बेहतर ढंग से समझा जा सके।

1975 के आपातकाल पर विस्तृत अध्याय

नई किताब के ‘डेमोक्रेसी’ अध्याय में भारत में 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल को विस्तार से समझाया गया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि उस समय बढ़ते राजनीतिक विरोध और जन असंतोष के बीच तत्कालीन सरकार ने ‘आंतरिक अशांति’ का हवाला देते हुए आपातकाल लागू किया था।

पुस्तक में यह भी बताया गया है कि इस अवधि के दौरान कई मौलिक अधिकारों को निलंबित किया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लागू रही और अनेक विपक्षी नेताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

गठबंधन सरकारों के इतिहास को भी किया गया शामिल

संशोधित पाठ्यपुस्तक में भारत की बदलती राजनीतिक व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें 1977, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद बनी सरकारों और गठबंधन राजनीति का उल्लेख किया गया है।

NCERT का मानना है कि इन विषयों को शामिल करने से छात्रों को भारतीय लोकतंत्र, चुनावी व्यवस्था और राजनीतिक इतिहास को अधिक व्यापक रूप से समझने का अवसर मिलेगा।

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