देवरिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में आयोजित जनसभा के दौरान कानून-व्यवस्था, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और विपक्ष के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनआस्था से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर चढ़ावा मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज की गई है और मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
कानून व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में अब शांति और कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल बना हुआ है और सरकार किसी भी प्रकार की अराजकता या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर प्रकरण पर दिया जवाब
अयोध्या में चढ़ावा संबंधी विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय जांच एजेंसी के सामने प्रस्तुत करना चाहिए।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अयोध्या और राम मंदिर को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के विषयों पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए।
दिल्ली मॉडल पर भी किया हमला
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि कुछ नेता अयोध्या आकर राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि उन्हें पहले अपने शासनकाल के कामकाज पर ध्यान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या का व्यापक विकास हुआ है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।