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ग्लोबल बाजारों में भारी बिकवाली के संकेत, सोमवार को दबाव में खुल सकता है भारतीय शेयर बाजार; Gift Nifty 150 अंक से ज्यादा फिसला

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मुंबई। मुहर्रम की छुट्टी के चलते शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बंद रहे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के कारण अगले कारोबारी दिन घरेलू बाजार की शुरुआत दबाव में हो सकती है। Gift Nifty में 150 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि एशियाई बाजारों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली।

पिछले कारोबारी दिन मामूली बढ़त पर बंद हुआ था बाजार

छुट्टी से पहले गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सीमित बढ़त दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 109 अंकों की तेजी के साथ 77,100 और निफ्टी 34 अंक बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। हालांकि कारोबार के दौरान सेंसेक्स अपने ऊपरी स्तर से करीब 700 अंक तक फिसल गया था।

FII और DII की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर

हालिया आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 25 जून को करीब 384 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,748 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

हालांकि पिछले सात कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने कुल मिलाकर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध बिकवाली की है, जबकि घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रही।

एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट

वैश्विक टेक सेक्टर में बिकवाली का असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स तेज गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग भी दबाव में रहे।

विश्लेषकों का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते निवेश और चिप उद्योग से जुड़ी चिंताओं के कारण निवेशकों का रुख फिलहाल सतर्क बना हुआ है।

अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों पर दबाव

अमेरिका में डाउ जोंस मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, लेकिन नैस्डैक और S&P 500 पर दबाव देखने को मिला। Apple, Nvidia, Microsoft और Alphabet जैसे प्रमुख टेक शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।

Apple के शेयरों में तेज गिरावट तब आई जब कंपनी ने iPad और MacBook की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया। दूसरी ओर Micron Technology के बेहतर तिमाही नतीजों के बाद उसके शेयरों में मजबूत उछाल दर्ज किया गया।

कच्चा तेल सस्ता होने से राहत की उम्मीद

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड लगभग 74 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में यह गिरावट भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए राहत लेकर आ सकती है और भविष्य में महंगाई पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

सोमवार के लिए निवेशकों को सलाह

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक कमजोरी को देखते हुए सोमवार को बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को शुरुआती कारोबार में जल्दबाजी से बचना चाहिए और बाजार के स्थिर होने के बाद ही निवेश संबंधी फैसला लेना बेहतर होगा।

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