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सुकमा पहुंचीं मंत्री राजवाड़े : आंगनबाड़ी, एनआरसी, इमली प्रसंस्करण एवं पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण

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सुकमा – अपने एक दिवसीय सुकमा प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि, सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ वातावरण और शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि, छोटे बच्चों को उनकी स्थानीय बोली और मातृभाषा में पढ़ाने का प्रयास किया जाए, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और अधिक विकसित हो सके। 

श्रीमती राजवाड़े ने जिले में संचालित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), इमली प्रसंस्करण केंद्र तथा नक्सल पुनर्वास केंद्र का भ्रमण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बच्चों, महिलाओं और आत्मसमर्पित युवाओं से आत्मीय संवाद भी किया।

निरीक्षण के दौरान किरण चव्हाण, जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर शबाब खान, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, सांसद प्रतिनिधि अरुण सिंह भदौरिया, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री सिसोदिया, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी शिवदास नेताम, रितीश टंडन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। 

बच्चों के बीच बैठकर जानी पढ़ाई और पोषण की स्थिति
मंत्री श्रीमती राजवाड़े सबसे पहले राकेल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र एवं एनआरसी सुकमा पहुंचीं। यहां उन्होंने बच्चों के बीच फर्श पर बैठकर उनकी पढ़ाई-लिखाई, स्वास्थ्य, पोषण और दैनिक गतिविधियों की जानकारी ली। बच्चों ने उत्साहपूर्वक एबीसीडी और पहाड़े सुनाए, जिस पर मंत्री ने उनकी सराहना की।

उन्होंने बच्चों को फल एवं चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा परिसर में पौधारोपण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ वातावरण और शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि छोटे बच्चों को उनकी स्थानीय बोली और मातृभाषा में पढ़ाने का प्रयास किया जाए, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और अधिक विकसित हो सके।

इमली प्रसंस्करण केंद्र में महिलाओं के कार्यों की सराहना
इसके बाद मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कुम्हाररास स्थित इमली प्रसंस्करण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर अमित कुमार ने केंद्र की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यहां स्व-सहायता समूह की लगभग 60 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

केंद्र में इमली से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है। मंत्री ने केंद्र की उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण कर महिलाओं के कार्यों की सराहना की और कहा कि ऐसे स्वरोजगार आधारित मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने समूह की महिलाओं का उत्साह बढ़ाते हुए उत्पादन और विपणन को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए।

आत्मसमर्पित युवाओं को मुख्यधारा से जुड़ने की प्रेरणा
अपने दौरे के अंतिम चरण में मंत्री श्रीमती राजवाड़े नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचीं। यहां उन्होंने आत्मसमर्पित युवाओं के रहने, भोजन, प्रशिक्षण और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कलेक्टर अमित कुमार ने जानकारी दी कि केंद्र में आत्मसमर्पित युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने 36 प्रशिक्षणार्थियों को वेलकम किट वितरित की।

उन्होंने केंद्र में रह रहे युवाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जीने, परिवार के साथ सुखद भविष्य बनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुनर्वास के माध्यम से उन्हें नई शुरुआत का अवसर प्रदान कर रही है, जिसका पूरा लाभ उठाना चाहिए।

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