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एल्डरमैन्स नियुक्ति पर उठे सवाल : प्रतिनिधित्व को लेकर विभिन्न समाजों ने जताई नाराजगी

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धमतरी। नगर निगम में एल्डरमैन्स की नियुक्ति के बाद जिले के विभिन्न समाजों में प्रतिनिधित्व को लेकर असंतोष सामने आया है। आदिवासी, साहू, सतनामी और जैन समाज के पदाधिकारियों ने नियुक्ति प्रक्रिया में अपने समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए भविष्य की राजनीतिक एवं प्रशासनिक नियुक्तियों में सभी वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि सीमित पदों के कारण सभी समाजों को इस बार अवसर नहीं मिल सका, लेकिन आगे अन्य दायित्वों में सभी को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

आदिवासी समाज से किसी को नहीं मिला अवसर : शिव नेताम
गोंड समाज के जिला कोषाध्यक्ष शिव नेताम ने कहा कि, आदिवासी समाज लंबे समय से सामाजिक एवं जनहित के कार्यों में सक्रिय है, बावजूद इसके एल्डरमैन की सूची में समाज के किसी प्रतिनिधि को स्थान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि, सभी समाजों की भागीदारी से ही सामाजिक समरसता और विश्वास मजबूत होता है।

साहू समाज को नहीं मिला प्रतिनिधित्व : गणेश साहू 
जिला साहू संघ के जिलाध्यक्ष गणेश साहू ने कहा कि, धमतरी नगर निगम और नगर पंचायत नगरी में पर्याप्त जनसंख्या एवं सामाजिक सक्रियता के बावजूद साहू समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिला। हालांकि उन्होंने कुरूद, मगरलोड, भखारा और आमदी में समाज को मिले अवसर का स्वागत करते हुए भविष्य में धमतरी नगर निगम में भी उचित भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।

सतनामी समाज की अनदेखी की गई : नमन बंजारे 
एनएसयूआई धमतरी के जिला उपाध्यक्ष नमन बंजारे ने कहा कि, पहले एमआईसी और अब एल्डरमैन नियुक्ति में भी सतनामी समाज की अनदेखी की गई है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए आगामी नियुक्तियों में समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की। सकल जैन समाज धमतरी के अध्यक्ष आकाश जैन ने भी जैन समाज की उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के योगदान के अनुरूप उसे सम्मान और भागीदारी मिलनी चाहिए।

पद सीमित, समाजों को प्रतिनिधित्व देना संभव नहीं : बैस
इधर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस ने कहा कि, नियुक्तियां विभिन्न समाजों की सक्रियता और संगठनात्मक योगदान को ध्यान में रखकर की गई हैं। उन्होंने बताया कि, केवल आठ एल्डरमैन पद उपलब्ध होने के कारण सभी समाजों को प्रतिनिधित्व देना संभव नहीं था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो समाज इस बार शामिल नहीं हो सके हैं, उन्हें भविष्य में अन्य दायित्वों और नियुक्तियों में अवसर देकर उनकी अपेक्षाओं का सम्मान किया जाएगा।

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