करेला सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसकी कड़वाहट के कारण कई लोग इसे खाने से बचते हैं। खासकर बच्चों और युवाओं को करेला पसंद नहीं आता। ऐसे में घर की रसोई में कुछ आसान उपाय अपनाकर इसकी कड़वाहट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यदि आप भी चाहते हैं कि करेला स्वादिष्ट बने और परिवार के सभी सदस्य इसे बिना नाक-भौं सिकोड़ें खाएं, तो कुछ आसान किचन ट्रिक्स आपके बहुत काम आ सकती हैं। इन तरीकों से करेला न सिर्फ कम कड़वा लगेगा, बल्कि उसका स्वाद भी कई गुना बढ़ जाएगा।
करेले का कड़वापन दूर करने के तरीके
नमक लगाकर कुछ देर छोड़ दें
करेले की कड़वाहट कम करने का सबसे लोकप्रिय तरीका नमक का इस्तेमाल है। करेला काटने के बाद उस पर अच्छी तरह नमक लगाएं और 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद हल्के हाथों से दबाकर उसका पानी निकाल लें और धो लें। इससे काफी कड़वाहट बाहर निकल जाती है।
छाछ में भिगोकर रखें
यदि आप करेला और भी स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो कटे हुए करेले को 30 मिनट तक छाछ में भिगोकर रखें। छाछ का प्राकृतिक खट्टापन कड़वाहट को संतुलित करने में मदद करता है और करेले का स्वाद बेहतर बनाता है।
बीज और सफेद हिस्सा निकाल दें
बड़े आकार के करेलों में बीज और अंदर का सफेद भाग अधिक कड़वा होता है। पकाने से पहले इसे निकाल देने से स्वाद काफी हल्का हो जाता है और सब्जी खाने में अधिक अच्छी लगती है।
प्याज के साथ पकाएं
करेले की सब्जी बनाते समय भरपूर मात्रा में प्याज का इस्तेमाल करें। प्याज की प्राकृतिक मिठास करेले की कड़वाहट को कम करती है और सब्जी को स्वादिष्ट बनाती है। यही वजह है कि कई पारंपरिक रेसिपी में करेला-प्याज का संयोजन पसंद किया जाता है।
हल्का उबाल लें
करेले को काटकर 2 से 3 मिनट तक गर्म पानी में उबालना भी एक प्रभावी तरीका है। उबालने के बाद पानी फेंक दें और फिर सब्जी तैयार करें। इससे कड़वाहट काफी कम हो सकती है।
मसालों और अमचूर का करें इस्तेमाल
करेले की सब्जी में धनिया पाउडर, सौंफ, अमचूर, अनारदाना या थोड़ा सा गुड़ मिलाने से स्वाद संतुलित हो जाता है। ये सामग्री कड़वाहट को दबाने में मदद करती हैं और सब्जी को चटपटा बनाती हैं।
क्यों खाना चाहिए करेला?
करेला विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह पाचन को बेहतर बनाने, इम्यूनिटी मजबूत करने और शरीर को पोषण देने में मदद कर सकता है। इसलिए स्वाद के साथ-साथ इसके स्वास्थ्य लाभ भी इसे डाइट में शामिल करने की वजह बनते हैं।